कोरोना इफेक्ट: थक रहा स्टॉफ, हैंग हो रही ट्रू नॉट मशीन

अधिकारियों की उदासीनता से गड़बड़ा सकती है जिला अस्पताल की व्यवस्थाएं

By: anil rawat

Published: 13 Jul 2020, 11:23 AM IST

टीकमगढ़. लगातार सामने आ रहे कोरोना के मरीज एवं सीमित संसाधनों का असर अब काम करने वाले स्टॉफ पर पड़ता दिखाई दे रहा है। लैब में 18 से 24 घंटे काम कर रहा स्टॉफ अब थकने लगा है। वहीं लगातार चलने से ट्रू नॉट मशीन भी खराब होने लगी है। काम में लगे स्टॉफ की तमाम समस्याओं के बाद भी अधिकारी इस पर ध्यान नहीं दे रहे है। यदि ऐसा ही रहा तो सारी व्यवस्थाएं गड़बड़ा जाएंगी।


कोरोना मरीजों की संख्या बढऩे का असर पर सीमित संसाधनों पर पड़ता दिखाई दे रहा है। यह दबाव अब कोरोना संक्रमण से लडऩे में लगे मानव संसाधनों पर देखने को मिल रहा है। स्टॉफ की कमी होने के कारण डॉक्टर, नर्स, एवं लैब स्टॉफ को क्षमता से अधिक काम करना पड़ रहा है। ऐसे में यह दबाव में आ रहे है और काम पर असर पड़ रहा है। सूत्रों की माने तो यह सारी समस्या यहां पर स्टॉफ अधिकारियों को बता चुका है, लेकिन इन्हें दूर करने का कोई प्रयास नहीं हो रहा है।

 

हैंग हो रही मशीन
कोरोना के लगातार मामले सामने आने के बाद सबसे ज्यादा लोड लैब पर पड़ रहा है। मरीजों के परिजनों एवं फस्र्ट कांटेक्ट के लोगों के साथ ही यहां पर पहुंच रहे गंभीर मरीजों के कारण इस समय लैब लगभग 16 से 20 घंटे काम कर रही है। 8 जुलाई को जहां मशीन ने 24 घंटे काम किया था, वहीं शनिवार से रविवार की सुबह 4 बजे तक लैब में 18 घंटे काम किया गया था। ऐसा रोज ही रूटीन हो गया है। ऐसे में मशीन अब खराब होने लगी है। मशीन की एक चिप भी खराब हो चुकी है।


स्टॉफ भी दबाव में
लगातार बड़ रहे काम के बाद अब स्टॉफ पर भी दबाव देखा जा रहा है। हाल ही स्वास्थ्य विभाग द्वारा की गई नियुक्तियों के बाद जिला अस्पताल में 8 लैब टैक्नीशियन भेजे गए थे। इसमें से 3 ने ज्वाईन ही नहीं किया है। 5 में 3 को फील्ड में सैंपल कलेक्ट करने लगाया है और 2 लैब में भेजे गए है। सूत्रों की माने तो काम के बोझ के कारण इनकी ट्रेनिंग नहीं हो पा रही है और यह ठीक से काम भी नहीं कर पा रहे है। इससे पूरा बोझ अब भी पुराने टैक्नीशियन को उठाना पड़ रहा है। ऐसे में यदि इस स्टॉफ को कुछ हो गया, तो सारी व्यवस्थाएं धरी रह जाएंगे। यह स्टॉफ पिछले तीन माह से लगातार अपना काम कर रहा है।


डॉक्टरों ने भी नहीं किया ज्वाइन
वहीं कोविड 19 के लिए भर्ती किए गए 5 नए एमबीबीएस डॉक्टर्स में से 4 ने ज्वाईन नहीं किया है। ऐसे में पहले से काम कर रहे डॉक्टरों पर बराबर काम का बोझ बना हुआ है। आलम यह है कि आंकड़ों की फीडिंग के लिए स्वास्थ्य विभाग के पास पर्याप्त कम्प्यूटर ऑपरेटर्स भी नहीं है। ऐसे में एक मात्र कम्प्यूटर ऑपरेटर पर सारा बोझ पड़ रहा है।


कहते है अधिकारी
लैब के लिए 3 अतिरिक्त टैक्नीशियन भेजे गए थे। भर्ती हुए टैक्नीशियन में से आधा जिला अस्पताल को दिए गए है। जो ज्वाइन नहीं कर रहे है, उनके स्थान पर दूसरों की भर्ती की जाएगी। ट्रू नॉट मशीन का आर्डर हो गया है। जल्द ही मशीन लाई जाएंगी।- डॉ एमके प्रजापति, सीएमएचओ, टीकमगढ़।

anil rawat Reporting
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