आओ गांव चलें : इमामानगर में भौमियांजी है जनआस्था का केंद्र, अमाम से पड़ा था गांव का नाम

आओ गांव चलें : इमामानगर में भौमियांजी है जनआस्था का केंद्र, अमाम से पड़ा था गांव का नाम

 

By: pawan sharma

Published: 23 Oct 2020, 07:21 PM IST

पीपलू(रा.क.). पीपलू उपखंड क्षेत्र के बोरखंडीकलां ग्राम पंचायत में इमामनगर गांव स्थित है। इसके बारे में बताया जाता है कि यहां एक मुसलमान जाति का अमाम नाम का एक व्यक्ति रहता था। जिसके कारण इस गांव का नाम इमामनगर पड़ा।

हालांकि वर्तमान में यहां सिर्फ जाट समुदाय के परिवार रहते हैं। इमामनगर में करीब 50 घरों की आबादी है। जहां करीब 250 लोग निवास कर रहे हैं। गांव में भौमियांजी महाराज का मंदिर जनआस्था का केंद्र है। यहां वर्ष भर श्रद्धालु दर्शन मनौती करने पहुंचते हैं। इमामनगर के सियाराम पायलट ने बताया कि भौमियांजी के दर्शन कर मत्था टेकने मात्र से मन्नत पूरी होने की मान्यता है।

पूरे साल दिखाई देती है आस्था
यहां वर्षभर धार्मिक अनुष्ठान, भजनकीर्तन, रामायण पाठ आदि के आयोजन होते रहते हैं। भौमियाजी के सेवक बजरंग कराड़ व रामपाल जाट ने बताया कि यह स्थान प्राचीन काल से जन आस्था का केंद्र रहा है। यह स्थान गांव से दूर घने जंगल के बीच स्थित है।


लगाए गए कई किस्म के पेड़-पौधे

वहीं यहां पर नवाचारी शिक्षक दिनकर विजयवर्गीय की प्रेरणा तथा राजस्थान पत्रिका के हरयाळो राजस्थान अभियान के तहत पर्यावरण को लेकर अनेक प्रकार के पेड़ पौधे लगाए गए हैं। इससे यह स्थान हरा भरा हो जाने से आगंतुकों का मन हर के बहुत सुकून देता है। यहां लगे पेड़ पौधों की देखभाल रामनारायण वार्ड पंच कर रहे हैं।

जो सर्दी, गर्मी, बारिश के दिनों दोनों समय पूजा-पाठ करने के साथ-साथ पूरी जिम्मेदारी के साथ पेड़ पौधे की देखभाल करते रहे हैं। इस स्थान के विकास के लिए नेहरू युवक मंडल इमाम नगर के कार्यकर्ता पदाधिकारी जगदीश जाट, सियाराम पायलट व एवं रामबाबू शर्मा भरनी के नेतृत्व में कर रहे हैं।


गांव में था पानी का संकट
ग्रामीणों ने तालाब किनारे कुआं खुदाई करते हुए इस समस्या का हल निकाला था। आज भी वह कुआं गांव में बीसलपुर पेयजल योजना के पॉइंट लग जाने के बाद भी आते जाते राहगीरों तथा ग्राम वासियों की प्यास बुझा रहा है।

चले कई अभियान

नेहरू युवक मंडल इमाम नगर ने भोमियाजी बनी विकास कार्यक्रम के तहत इस वर्ष अभियान प्रेरक दिनकर विजयवर्गीय के नेतृत्व में विभिन्न किस्मों के 1000 पेड़ पौधे पीपलू उपखंड अधिकारी रही शिप्रा शर्मा के मुख्य आतिथ्य में अभियान चलाकर लगाए।


यहां के लोगों का मुख्य व्यवसाय पशुपालन, कृषि, दुग्ध उत्पादन है। यहां गेहूं, सरसों की खेती लोग बहुतायात में करते हैं। यहां की फसलों की सिंचाई के लिए किसान बारिश व परंपरागत जलस्त्रोतों पर निर्भर रहते हैं। गांव में मुख्य समस्या तहसील मुख्यालय तक सडक़ मार्ग का अभाव होना है। ग्रामीणों ने बताया कि की इमामनगर से अलीमपुरा के बीच मियारामपुरा बलखंडिया होते हुए सडक़ मार्ग का निर्माण करवा दिया जाए तो समस्या हल हो सकती है। गांव में शिक्षा की दृष्टि से प्राथमिक स्तर का विद्यालय है।

लोग करते हैं श्रमदान
इसके अलावा यहां के लोग श्रम से जी नहीं चुराते हैं, बल्कि श्रमदान करके गांव के परम्परागत जल स्रोत नाड़ी को खुदाई करके गहरा किए फलस्वरूप पंचायत ने नाड़ी की पाल पर स्नान घाट का निर्माण कराया। नाडी के चारों ओर कई छायादार वृक्ष पत्रिका के हरयाळो राजस्थान कार्यक्रम से प्रेरित होकर ग्रामीणों ने लगाए हैं।

इससे प्रभावित होकर तत्कालीन सांसद कैलाश मेघवाल, विधायक जीतराम चौधरी, पंचायत राज मंत्री कालू लाल गुर्जर आदि ने ग्रामीणों के श्रमदान से अभिभूत हो प्रशंसा की थी और सरकारी योजना अंतर्गत सांसद विधायक कोटे से गांव तक सीसी सडक़ निर्माण कराने में सहयोग प्रदान किया।

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