प्रदेश का दूसरा कंप्यूटराइज्ड बांध होगा बीसलपुर, अब कम्प्यूटर तय करेगा बांध से पानी की निकासी

प्रदेश का दूसरा कंप्यूटराइज्ड बांध होगा बीसलपुर, अब कम्प्यूटर तय करेगा बांध से पानी की निकासी
प्रदेश का दूसरा कंप्यूटराइज्ड बांध होगा बीसलपुर, अब कम्प्यूटर तय करेगा बांध से पानी की निकासी, नया कंट्रोल रूम बनाने की तैयारी शुरू

Pawan Kumar Sharma | Updated: 09 Oct 2019, 03:29:27 PM (IST) Tonk, Tonk, Rajasthan, India

राज्य की सबसे बड़ी पेयजल परियोजना वाला बीसलपुर बांध जल्द ही कंप्यूटराइज्ड होगा।

 

राजमहल. राज्य की सबसे बड़ी पेयजल परियोजना वाला बीसलपुर बांध जल्द ही कंप्यूटराइज्ड होगा। इसके लिए बांध परियोजना की ओर से गेट संख्या दो के करीब पहाड़ी पर नया कंट्रोल रुम बनाने के लिए चट्टानों को तोडऩे आदि का कार्य शुरू कर दिया गया है।

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झालावाड़ जिले में कालीसिंध बांध के बाद राज्य का यह है दूसरा बांध होगा, जो पूर्णतया कंप्यूटराइज्ड होने जा रहा है। जहां स्काडा सिस्टम लगाया जाएगा। बांध परियोजना के अधिशासी अभियंता आरसी कटारा ने बताया कि केंद्रीय जल संसाधन विभाग की ओर से लगभग 3. 50 करोड़ रुपए की लागत पर बीसलपुर बांध को पूर्णतया कंप्यूटराइज्ड किया जा रहा है।

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यह होगा फायदा
बीसलपुर बांध स्थल पर कुल 18 गेट लगे हुए हैं, जिन्हें पूर्व में बांध से बनास नदी में पानी निकासी के दौरान बटन दबाकर कम या ज्यादा खोला जाता था। कभी-कभी तकनीकी खराबी के कारण कोई गेट कम खुलता है तो कोई ज्यादा या फिर कई बार गेट बीच में अटक जाने की समस्या सामने आ जाती थी

लेकिन बांध में पूर्ण जलभराव होने के बाद गेटों पर लगा स्काडा सिस्टम अपने आप ही तय करेगा की बांध से कितना पानी निकाला जाना है। और यह पानी कितने समय में बांध बनास में निकल जाएगा। पूर्व में यह सारी गणित बांध परियोजना के अभियंताओं पर निर्भर रहती थी।

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गेज लेने से मिलेगी निजात- बीसलपुर बांध पर अभी बांध के जलभराव के पास मुख्य दीवार पर मीटर गेज की पट्टियां लगाई गई है, जिन पर पानी की आवक आदि गेज लेने के लिए हर घंटे एक कर्मचारी को जाना पड़ता था। बारिश के मौसम के दौरान रात में भी हर घंटे एक कर्मचारी को गेज लेने का कार्य देखना पड़ता था।

वहीं उक्त रिकॉर्ड कंट्रोल रूम में रखे रजिस्टर में दर्ज करना पड़ता था। उसके बाद कंट्रोल रुम से दूरभाष पर बीसलपुर बांध परियोजना कार्यालय देवली, बाढ़ नियंत्रण कक्ष देवली, बीसलपुर बांध परियोजना के उच्चाधिकारियों को जयपुर में दूरभाष पर यह सूचना देनी पड़ती थी।

अब बीसलपुर बांध पर स्काडा सिस्टम लगने के बाद उक्त जानकारी कंप्यूटराइज्ड हो जाएगी। जिससे बांध में पानी की आवक, बांध से पानी की निकासी व बांध का कुल जलभराव आदि की जानकारी बांध के बाद बीसलपुर बांध कार्यालय देवली, जल संसाधन विभाग जयपुर व केंद्रीय जल संसाधन विभाग नई दिल्ली को बांध के पानी की हर गतिविधि की जानकारी समय-समय पर ऑनलाइन कंप्यूटर से मिलती रहेगी।

3 महीने में होगा तैयार- बीसलपुर बांध परियोजना के सहायक अभियंता मनीष बंसल ने बताया कि बीसलपुर बांध पर नया कंट्रोल रुम 3 महीने में तैयार करना है, जिसके लिए कार्य प्रगति पर है। वहीं अगले 6 माह तक संपूर्ण स्काडा सिस्टम तैयार होने की संभावना है। यह सिस्टम चालू होने के बाद बांध के गेटों को ऑपरेट करने के लिए कंप्यूटर से सारा कार्य कर लिया जाएगा।

पुराना भी रहेगा चालू- बांध परियोजना अभियंताओं के अनुसार बीसलपुर बांध पर नया कंट्रोल रूम स्थापित होने के बाद भी पुराना कंट्रोल भी चालू रहेगा। नया सिस्टम किसी कारणवश अचानक बंद होने पर पुराने कंट्रोल रूम से ही भी गेट खोले वह बंद किए जा सकते हैं। बांध परियोजना के सहायक अभियंता मनीष बंसल ने बताया कि बीसलपुर बांध पर स्काडा सिस्टम चालू होने के बाद जयपुर में बैठे अधिकारी भी बांध के गेट ऑपरेट कर सकते है। इसके लिए बांध पर लगाया गया स्काडा सिस्टम चालू होना आवश्यक है।

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