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अधिक लोभ से लाभ नहीं, नुकसान की सम्भावना ज्यादा

टोंक. वजीरपुरा गांव में चल रही भागवत कथा में कथावाचक पण्डित खेमराज शास्त्री ने कहा कि भागवत कथा में आने वाले श्रद्धालुओं का सुनना अच्छा भाग्य है।

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टोंक

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Kamal Bairwa

Apr 23, 2018

 भागवत कथा

निवाई. झिलाय में सरपंच की ढाणी में गोपालजी के मंदिर में भागवत कथा का आयोजन हुआ।

टोंक. वजीरपुरा गांव के माताजी के मंदिर में चल रही भागवत कथा में कथावाचक पण्डित खेमराज शास्त्री ने कहा कि भागवत कथा में आने वाले श्रद्धालुओं का सुनना अच्छा भाग्य है। कथा सुनने का अवसर नसीब वालों को ही मिलता है। मनुष्य जीवन में अधिक लोभ नहीं करें, अधिक लोभ से लाभ नहीं नुकसान की सम्भावना ज्यादा होती है।

ईश्वर को याद रख कर किया जाने वाला कार्य सफल होता है। इस दौरान दुर्गालाल, भंवरलाल, बद्रीलाल, बजरंगलाल, रामकरण, नन्दू, लादी सहित अन्य महिलाएं मौजूद थे।

गोसेवा करना यज्ञ के समान-हेमन्तदास
निवाई. झिलाय में सरपंच की ढाणी में गोपालजी के मंदिर में रविवार को महन्त हेमंतदास के सान्निध्य में भागवत कथा का आयोजन हुआ। इसमें श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। भागवत कथा में कथावाचक महन्त हेमंतदास ने कहा कि गाय की सेवा करना यज्ञ के समान है। उन्होंने कहा कि गाय की पूजा मानव ही नहीं देवता भी करते थे।

उन्होंने कहा कि बुर्जुगों का सम्मान करना हर व्यक्ति को नसीब नहीं होता हैं, जो व्यक्ति बड़ों का सम्मान करता हैं। वह भाग्यशाली होता है। उन्होंने कहा कि सत्संग नसीब वालों को प्राप्त होता हैं। इस दौरान भगवान कृष्ण की लीलाओं का वर्णन करते हुए कृष्ण जन्मोत्सव मनाया।

इस दौरान सरपंच भंवरलाल यादव, हीरालाल कसाणा, एडवोकेट बनवारीलाल यादव, संत हरिदास बाबा, पप्पू मस्ताना, वार्ड पंच ममता विजय, महेश मिश्रा, बनवारीलाल मिश्रा, मांगीलाल धाबाई, चतुर्भुज यादव, जगदीश शर्मा, हीरालाल कसाना, रामकल्याण खटाणा, गीता परिडवाल, ऊषा मिश्रा, प्रमोद रैगर, शिवनारायण बेलवान, नारायणलाल यादव, कजोड़ मिश्रा एवं सुरेश विजय मौजूद थे। (नि.सं.)

विवाह सम्मेलन की तैयारियां जोरों से
पीपलू. यादव अहीर समाज सम्मेलन समिति जंवाली की बैठक अध्यक्ष शिवजी राम यादव की अध्यक्षता में हुई। बैठक में टेंट हलवाई डेकोरेशन व अन्य सामग्री आदि की बोली लगाकर टेंडर जारी किया गया। समाज सुधार के लिए भी लोगों से विचार विमर्श किया। इस दौरान ओम प्रकाश यादव, जगदीश यादव, श्योजीराम, लक्ष्मी नारायण, रामकिशन, लादू, छोटू, महावीर आदि समाज के लोग मौजूद थे।