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कैसे बुझेगी आग: सरकारी दफ्तरों में नहीं लगाए गए अग्निशमन यंत्र

कई सरकारी दफ्तरों में बिजली के तार बेतरतीब ढंग से लगे हुए हैं, जिससे कभी भी शार्ट सर्किट हो सकता है। ऐसे में सरकारी दफ्तरों में अग्निशमन यंत्र नहीं लगा होना बड़ा ङ्क्षचता का विषय है।

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सरकारी कार्यालयों, विद्यालयों में आग बुझाने के इंतजाम नहीं है।

  • कई सरकारी दफ्तरों में बिजली के तार बेतरतीब ढंग से लगे हुए हैं, जिससे कभी भी शार्ट सर्किट हो सकता है। ऐसे में सरकारी दफ्तरों में अग्निशमन यंत्र नहीं लगा होना बड़ा ङ्क्षचता का विषय है।

सरकारी कार्यालयों, विद्यालयों में आग बुझाने के इंतजाम नहीं है। ऐसे में कभी भी आग लगने पर मुश्किल खड़ी हो सकती है। कई कार्यालयों में रेकॉर्ड, कागजों के ढेर लगे रहते हैं। मुख्य सचिव की अध्यक्षता में 6 मई को हुई वीसी में सरकारी कार्यालयों में फायर एनओसी सिस्टम की जांच किए जाने के निर्देश दिए थे। जिला कलेक्टर के निर्देश पर पीपलू उपखंड अधिकारी कपिल शर्मा ने सरकारी कार्यालयों में फायर एनओसी सिस्टम की जांच की तो चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है। जांच के दौरान 13 सरकारी कार्यालय, विद्यालयों में से मात्र 2 स्थानों पर ही फायर एनओसी सिस्टम लगा मिला है।

इन कार्यालयों की हुई जांच

सहायक प्रशासनिक अधिकारी बालकृष्ण शर्मा ने बताया कि महात्मा गांधी राजकीय अंग्रेजी माध्यम विद्यालय पीपलू, राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय पीपलू, सीबीईओ, पीएचईडी, सार्वजनिक निर्माण विभाग, बिजली निगम, ग्राम पंचायत, पंचायत समिति, सीएचसी, आयुर्वेदिक अस्पताल, पशु चिकित्सालय, तहसील, एसडीएम कार्यालय में फायर एनओसी सिसस्टम की जांच की गई है। जांच के दौरान उपखंड कार्यालय पीपलू तथा सीएचसी पीपलू में ही फायर एनओसी सिस्टम पाए गए। सभी को जल्द अग्निशमन यंत्र लगाकर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए है।

शॉट सर्किट से हो सकता है बड़ा हादसा

कई सरकारी दफ्तरों में बिजली के तार बेतरतीब ढंग से लगे हुए हैं, जिससे कभी भी शार्ट सर्किट हो सकता है। ऐसे में सरकारी दफ्तरों में अग्निशमन यंत्र नहीं लगा होना बड़ा ङ्क्षचता का विषय है। इतना ही नहीं गाइडलाइन के अनुसार कई आवश्यक स्थानों पेट्रोल पंप, विद्यालयों पर लगे अग्निशमन यंत्र दिखावटी बने हुए है। सालों से सर्विस नहीं होने से वे जंग खा रहे हैं। सरकारी कार्यालयों में कागजों का संधारण होता है। ऐसे में छोटा सा शॉर्ट सर्किट से भी बड़ा हादसा हो सकता है। इतना ही नहीं पीपलू ब्लॉक के स्कूलों में फायर सेफ्टी किट के साथ बाल्टी में रेत भरकर तक नहीं रखी हुई है।

पुराने दस्तावेज जरूरी
सरकारी कार्यालय में बड़ी संख्या दस्तावेज अलमारियों व कपड़ों के दस्तों में रखे हुए हैं। हालांकि बीते कुछ वर्षों में शुरू हुई ऑनलाइन प्रक्रिया के चलते अब कम्प्यूटर का उपयोग बढ़ गया है, लेकिन फिर भी पुराने दस्तावेज अहम है। कामकाज को लेकर विभागीय कर्मचारियों, आमजन को आए दिन इनकी जरूरत रहती है। दस्तावेज जितने महत्वपूर्ण है उतने इनके रखरखाव को लेकर अधिकारी-कर्मचारी गंभीर नहीं है।