मन में मदद की भावना रखो

आवां. जैन तीर्थ सुदर्शनोदय अतिशय क्षेत्र आवां पर शनिवार प्रात: 7 बजे मुनि पुंगव सुधासागरका ससंघ मंगल प्रवेश होगा। इनके साथ मुनि महासागर, मुनि निष्कंप सागर, क्षुल्लक धैर्य सागर व गम्भीर सागर का भी आगमन होगा।

By: pawan sharma

Published: 21 Jul 2018, 03:16 PM IST

आवां. जैन तीर्थ सुदर्शनोदय अतिशय क्षेत्र आवां पर शनिवार प्रात: 7 बजे मुनि पुंगव सुधासागरका ससंघ मंगल प्रवेश होगा। इनके साथ मुनि महासागर, मुनि निष्कंप सागर, क्षुल्लक धैर्य सागर व गम्भीर सागर का भी आगमन होगा। श्री शान्तीनाथ दिगम्बर अतिशय क्षेत्र समिति, सकल जैन समाज आवां, 36 कौमों के साथ पंचायत प्रशासन भी इसके सफल आयोजन में तप्तर नजर आ रहा है।

 

समिति के श्रवण कोठारी ने बताया कि मंगल प्रवेश के अवसर पर जुलूस में 51 स्वागत द्वार लगाने के साथ 7 जयघोषों की व्यवस्था की गई है। पुष्प वर्षा करने के साथ मुनि संघ के सत्कार की विशेष योजना बनाई गई है। मंगल प्रवेश के बाद सुदर्शनोदय अतिशय क्षेत्र पर शांति धारा, मंगल प्रवचन, आहार-चर्या और शाम को जिज्ञासा समाधान के धार्मिक आयोजन रखे गए हैं। इधर अतिशय क्षेत्र पर शुक्रवार सुबह से चल रही रिमझिम बारिश के बावजूद व्यवस्थाओं को लेकर कार्यकर्ता मौके पर डटे रहे। ग्राम में की गई साफ- सफाई से सडक़ें चमचमा उठी है।

 

आवां में चातुर्मास करने पूरी सम्भावना को लेकर कस्बे सहित मंदिर परिसर में कई प्रकार के कार्य चल रहे है। कमरे, प्रवचन स्थल, पाण्डाल, भोजन शाला के साथ अन्य व्यवस्थाओं को मूर्तरूप देने के लिए मंदिर परिसर में लोग जुटे हुए हंै। श्री सुधासागर युवा मंच व श्री सुदर्शनोदय महिला मण्डल के पदाधिकारी, श्री शान्तीनाथ दिगम्बर अतिशय क्षेत्र समिति अध्यक्ष नेमीचन्द जैन, महामंत्री पवन कुमार जैन, कैलाश चन्द ठग, चन्द्रप्रकाश गोयल, ओमप्रकाश जैन, पदम गोयल, धर्मचन्द जैन संजय जैन, आशीष जैन, अशोक धानोत्या आदि व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देने में जुटे रहे।

 

वाटिका में किया पौधारोपण
बंथली. बिच्छू का स्वभाव डंक मारना होता है, लेकिन वैद्य का कर्म जहर निकाल उपचार करना होता है। उसी प्रकार अज्ञानी व्यक्ति बार-बार गलत राह व संगत में चल परिणाम की परवाह किए बगेर गलत कार्यो को अंजाम देता है। इस समय ज्ञानी व्यक्ति का कार्य उसे गलत कार्यो से विमुक्त कर सही राह दिखाना है। मुनि पुंगव सुधासागर ने शुक्रवार को दिगम्बर जैन मंदिर दूनी स्थित धर्मशाला में प्रवचन करते हुए श्रद्धालुओं से यह बात कही। उन्होंने कहा कि मन में सभी के प्रति मदद की भावना हो। दूसरों के दुख:-दर्द को अपना समझकर उनकी मदद करें। भगवान उसी को अपना मानता है। इससे पहले मुनि सुधासागर ने पुराने बंथली मार्ग स्थित नवनिर्मित सुधासागर वाटिका पहुंचे ओर भवन का निरीक्षण कर दिगम्बर समाज अध्यक्ष चेतनप्रकाश अजमेरा, मंत्री पवनकुमार जैन, कोषाध्यक्ष कमलेश कोठारी, राकेश बडज़ात्या, भाजपा जिला उपाध्यक्ष भंवरलाल जाट, पदम अजमेरा, भंवरलाल बडज़ात्या, भागचन्द छाबड़ा, श्रवण कोठारी के साथ पौधारोपण कर उनको सुरक्षा की जिम्मेदारी दी। इस दौरान भाजपा जिला उपाध्यक्ष ने मुनि से दूनी में महिला महाविद्यालय खोले जाने को लेकर चर्चा की। इस पर मुनि ने इसे कस्बे की जरूरतर बता चर्चा का विषय बताया। इसके बाद मुनि ने आवां में होने वाले चातुर्मास में दूर-दराज सें आने वाले श्रद्धालुओं के विश्राम को लेकर कस्बे की दूणजा माता धर्मशाला, रामद्वारा, बस स्टैण्ड स्थित अस्पताल धर्मशाला सहित अन्यों का निरीक्षण कर मनीष जैन, सुशील बज, प्रकाशचन्द जैन, मनोज लुहाडिय़ा से जानकारी ली।

 

शाम को धार्मिक शंका-समाधान कार्यक्रम में श्रद्धालुओं ने मुनि सुधासागर सहित ससंध से धार्मिक प्रश्न पूछकर जानकारी ली। मुनि सुधासागर ससंघ का शनिवार को आवां में मंगल प्रवेश होगा। इसको भव्य एवं ऐतिहासिक बनाने को लेकर समाज के पदाधिकारी तैयारियों में जुटे हुए हैं। इस मौके पर ललित पाटनी, संदीप गौखरू, भागचन्द जैन, पदम कोठारी, अविनाश कोठारी, दिनेश जैन, अशोक जैन, घनश्याम झंवर अन्य थे।

 

गूंज उठे मुनि के जयकारें
प्रवचन के बाद मुनि सुधासागर ससंघ के आहार पर जाते समय इन्द्रदेव ने भी रिमझिम बरसात की तो कस्बा श्रद्धालुओं की ओर से बोले नमोस्तु गुरुदेव व मुनि सुधासागर की जय के जयकारों से गूंज उठा। मुनि सुधासागर को ज्ञानचन्द बज व मुनि महासागर, मुनि निष्कंप सागर, क्षुल्लक धेर्य सागर व गंभीर सागर को पदम अजमेरा, भागचन्द अजमेरा, नीरज छाबड़ा ने आहार कराया।

pawan sharma
और पढ़े

राजस्थान पत्रिका लाइव टीवी

हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned