औद्योगिक क्षेत्र में फैल रहा प्रदूषण, नही हो रही है कार्रवाई

सरकार प्रदूषण रोकने के लिए अनेक प्रयास करके नियम बना रही है, वहीं दूसरी ओर वनस्थली मोड़ औद्योगिक क्षेत्र में कई फैक्ट्रियां खुलेआम प्रदूषण फैला रही है।

By: pawan sharma

Published: 16 Mar 2021, 07:34 AM IST

निवाई. जहां एक ओर सरकार प्रदूषण रोकने के लिए अनेक प्रयास करके नियम बना रही है, वहीं दूसरी ओर वनस्थली मोड़ औद्योगिक क्षेत्र में कई फैक्ट्रियां खुलेआम प्रदूषण फैला रही है। वनस्थली मोड़ पर कुछ फैक्ट्रियां नियम कायदे ताक में रखकर खुलेआम प्रदूषण फैला कर लोगों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ कर रही है। औद्योगिक क्षेत्र में फैक्ट्रियों से निकलने वाला धुआं इतना अधिक मात्रा में फैल रहा है कि वहां रहने वाले लोगों को चर्म रोग और सांस संबंधित बीमारियां होने लगी है।


औद्योगिक क्षेत्र में स्थित फैक्ट्रियों से निकलने वाले दूषित पानी के निस्तारण की उचित व्यवस्था नहीं होने से खाली भूखंडों में भरा हुआ है, जिसकी निकासी के लिए आस-पास क्षेत्र के वाशिंदों ने औद्योगिक क्षेत्र स्थित रीको कार्यालय पर शिकायत दर्ज करवाने के लिए कई बार पहुंचे, लेकिन औद्योगिक क्षेत्र कार्यालय पर ताला लटका रहता है।

कार्यालय होने के बावजूद कई वर्षों से कोई अधिकारी नहीं बैठता, जिससे लाखों रुपए की लागत से बना रीको कार्यालय अनुपयोगी साबित हो रहा है। लोगों ने बताया कि कई बार औद्योगिक क्षेत्र स्थित कार्यालय में ज्ञापन देने के लिए पहुंचे वहां पर हमेशा ताले लगे मिले, जिसके बाद अधिकारियों से फोन पर पानी निकासी के लिए शिकायत की तो अधिकारियों ने पानी निकासी का आश्वासन दिया, लेकिन आठ माह बीत जाने के पश्चात भी अब तक रीको के खाली भूखंडों में पानी भरा हुआ है, जिसकी वजह से क्षेत्र में मच्छरों का प्रकोप है तथा मच्छरों से डेंगू, बुखार, अन्य बीमारियां होने की आशंका बनी हुई है।


वनस्थली मोड़ निवासी सूरजमल शर्मा ने बताया कि औद्योगिक क्षेत्र में गंदा पानी भरा होने की वजह से गंभीर बीमारियां हो रही है। निजी ट्यूबवेलों का पानी खराब हो चुका है। तिरुपति विहार कॉलोनी वासी अशोक जांगिड़ ने बताया कि पानी प्रदूषित पानी होने के कारण वहां से आने जाने वाले राहगीरों को दुर्गंध का सामना करना पड़ता है। एवं पीने का पानी बेकार हो चुका है कई बार प्रदूषित पानी में कहीं जानवर गिर चुके हैं।

दूषित पानी की निकासी के लिए टेंडर कर दिए गए है और एक माह में संवेदक गंदे पानी की निकासी करवा देगा। औद्योगिक क्षेत्र में टूटे हुए नालों को शीघ्र सही करवा दिया जाएगा। औद्योगिक क्षेत्र में स्थित इकाइयों द्वारा अपशिष्ट को जलाने के लिए पूर्ण पाबंदी है और फिर भी कोई शिकायत मिलती है तो उसके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
सीताराम मीणा, क्षेत्रीय प्रबंधक, औद्योगिक क्षेत्र, निवाई

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