script कई जिलों में करते थे नील गाय का शिकार, हल्ला हुआ तो खुला गैंग का राज, वन विभाग ने अब तक बरती लापरवाही | Used to hunt Nilgai in many districts, when there was an uproar, the | Patrika News

कई जिलों में करते थे नील गाय का शिकार, हल्ला हुआ तो खुला गैंग का राज, वन विभाग ने अब तक बरती लापरवाही

locationटोंकPublished: Dec 28, 2023 08:38:45 pm

Submitted by:

jalaluddin khan

पुलिस की ओर से गोकशी के मामले में पकड़े गए आरोपी जंगलों में नीलगायों का शिकार कर रोजाना जयपुर में मांस सप्लाई करते थे। हल्ला हुआ तो पुलिस प्रशासन ने आरोपियों की गैंग को पकड़ लिया। वहीं अभी तक भी वन विभाग कार्रवाई से बचता रहा है।

कई जिलों में करते थे नील गाय का शिकार, हल्ला हुआ तो खुला गैंग का राज, वन विभाग ने अब तक बरती लापरवाही
कई जिलों में करते थे नील गाय का शिकार, हल्ला हुआ तो खुला गैंग का राज, वन विभाग ने अब तक बरती लापरवाही
कई जिलों में करते थे नील गाय का शिकार, हल्ला हुआ तो खुला गैंग का राज, वन विभाग ने अब तक बरती लापरवाही
पुलिस की ओर से गोकशी के मामले में पकड़े गए आरोपी जंगलों में नीलगायों का शिकार कर रोजाना जयपुर में मांस सप्लाई करते थे। हल्ला हुआ तो पुलिस प्रशासन ने आरोपियों की गैंग को पकड़ लिया। वहीं अभी तक भी वन विभाग कार्रवाई से बचता रहा है।
गोकशी का आरोपी किशन मोग्या नील गाय के शिकार मामले में प्रदेश के कई जिलों में आरोपी है। उसके पास लग्जरी कार और हथियार भी है। लगातार वन क्षेत्र में घूमने के बावजूद कभी वन विभाग ने इसकी रिपोर्ट नहीं की। ना ही कभी उसके खिलाफ किसी थाने में मामला दर्ज कराया।
वन विभाग पहले ही सतर्क रहता तो ना तो टोडारायसिंह में एक साथ 12 नील का शिकार होता और ना ही बनास नदी में गोकशी होती। इधर, पुलिस की ओर से पकड़े गए आरोपी न्यायालय के आदेश पर पुलिस पूछताछ में है। उनसे पुलिस हथिया तथा वाहन बरामद करने की तैयारी में है। वहीं आरोपियों से कई मामले खुलने की सम्भावना है।
24 की रात को हुई थी वारदात

शहर के समीप बनास नदी पेटा में गत 24 दिसम्बर की रात को दो गोवंश का वध हुआ था। मामले में पुलिस ने बुधवार को तीन जनों को गिरफ्तार किया है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आदर्श चौधरी ने बताया कि गिरफ्तार मुख्य आरोपी चन्दलाई थाना सदर निवासी किशन मोग्या पुत्र जगदीश मोग्या है।
पुलिस ने उसके साथी पांचोलास थाना रवाजना डूंगर जिला सवाईमाधोपुर निवासी राकेश पुत्र कैलाश बावरिया तथा सौराब खां की गली ताल कटोरा टोंक निवासी शमसाद पुत्र भैया सरदार को भी गिरफ्तार किया है।


जयपुर करता है सप्लाई

गिरफ्तार मुख्य आरोपी किशन मोग्या ने प्रारम्भिक पुछताछ में बताया है कि वह नील गाय मार कर जयपुर में कुछ स्थानों पर मीट सप्लाई करता है। गत 24 दिसम्बर को नीलगाय के मीट की व्यवस्था नहीं हुई तो आरोपी ने अपने साथियों के साथ मिलकर आनन-फानन में बनास नदी में जीप लेकर गया।
आरोपी किशन मोग्या ने बनास नदी में बैठी हुई दोनों गायों को केटल घास व बजरी-कंकरीट के ढेर की आड़ में ले जाकर घने कोहरे का फायदा उठाकर वध किया। मांस को पैक कर बेच दिया।
कई जिलों में की वारदात


नीलगाय व गोवंश का वध कर मांस बेचने वाली गैंग का मुख्य सरगना किशन मोग्या है, जिसने पूछताछ में बताया कि टोंक, बून्दी, सवाईमाधोपुर, नैनवां, पीपल्दा, कोटा आदि जिलों के जंगलों से नीलगाय व गोवंश का साथियों के साथ वध किया है। इसके मामले बूंदी समेत कई थानों ंमें दर्ज है। अब पुलिस वारदातों व गैंग के सदस्यों व इनसे मीट खरीदने वाले मीट कारोबारियों की तलाश जारी है।

वन क्षेत्र में घूमता रहता था


आरोपी किशन मोग्या नील गाय की मीट का बड़ा सप्लायर है। पूछताछ में बताया कि प्रति दिन ही जयपुर तक मीट सप्लाई कारोबारियों को करता है। जहां से उक्त मीट कई जगह बेचा जाता है। वह शिकार की तलाश में वन क्षेत्र में घूमता रहता था।
इनका कहना है


आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। कारोबारियों तक भी पुलिस पहुंचेगी। आरोपियों के पास से हथियार व वाहन बरामद किए जाएंगे।
- आदर्श चौधरी, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक टोंक

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