इस जरा सी गलती से आप हो सकते हैं कंगाल, लूूूट लेंगे साइबर लुुुुुुटेरे

एनसीआरबी के आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2019 में 60.4 प्रतिशत केस हुए दर्ज, वर्ष 2019 में राजस्थान में 1762 प्रकरण, अक्टूबर माह है साइबर सिक्योरिटी अवेयरनेस मंथ

By: madhulika singh

Updated: 16 Oct 2020, 04:38 PM IST

मधुलिका सिंह/उदयपुर. आप भले ही साइबर अपराधियों को देख नहीं पा रहे हों, लेकिन वे आपकी पूरी जासूसी कर रहे हैं। आपके फोन से लेकर सोशल मीडिया अकाउंट, आपके मेल और जो भी तकनीक आप उपयोग में ला रहे हैं वे उन सब पर निगाह रखते हैं और आपकी जरा सी गलती आपको कंगाल कर सकती है। साइबर अपराध के मामले देश में लगातार बढ़ रहे हैं। झारखंड का जामताड़ा साइबर अपराध की वजह से पूरे देश में सुर्खियों में है। राजस्थान में भी साइबर अपराध दिन-ब-दिन बढ़ रहे हैं। यदि सावधानी नहीं रखी गई तो ये साइबर लुटेरे कब चपत लगा देंगे, आपको पता भी नहीं चलेगा। अक्टूबर माह को साइबर सिक्योरिटी अवेयरनेस मंथ के रूप में मनाया जाता है। साइबर अपराधों को लेकर सभी को जागरूक होना होगा। इन अपराधों से सुरक्षित रखना केवल पुलिस की ही नहीं आपकी भी जिम्मेदारी है।
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उदयपुर में भी बढ़ रहे मामले
डिजिटल दौर में जहां हर व्यक्ति डिजिटली सक्रिय है और काम डिजिटली कर रहे हैं तो उसका फायदा साइबर अपराधी भी उठा रहे हैं। वे केवल एक कमजोरी पकड़ लेते हैं और उसी से उन्हें शिकार बना लेते हैं। उदयपुर की बात करें तो पिछले कुछ सालों में यहां भी साइबर अपराध बढ़े हैं। पुलिस की साइबर क्राइम सेल के आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2019 की बात करें तो उदयपुर में पिछले साल 5 साइबर अपराध के प्रकरण दर्ज किए गए, जबकि वर्ष 2020 में अब तक 9 मामले दर्ज किए जा चुके हैं। ये केवल वे मामले हैं जो प्रकरण साइबर एक्ट के तहत दर्ज किए गए हैं, इसके अलावा अपंजीकृत मामले करीब 300 से अधिक हैं।

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इसलिए आया जामताड़ा सुर्खियों में

झारखंड के जामताड़ा जिले ने साइबर अपराध में देश-दुनिया में अपनी कुख्यात पहचान बनाई है। साइबर ठगी का जामताड़ा मॉडल इतना मशहूर हो चुका है कि विश्व प्रसिद्ध ओटीटी प्लेटफॉर्म नेटफ्लिक्स ने इस पर बकायदा वेब सीरीज बना डाली, जिसका नाम है जामताड़ा सबका नंबर आएगा। ऐसा कहा जाता है कि पूरे देश में हो रही साइबर ठगी के 80 फीसदी मामलों के कनेक्शन जामताड़ा से जुड़े हुए होते हैं।
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इनका कहना है...
समय-समय पर जो सूचना प्राप्त होती है, साइबर सेल की मदद से उसका निस्तारण किया जाता है।

गोपालस्वरूप मेवाड़ा,एएसपीए (शहर)
इस साल अब तक 250 से अधिक साइबर अपराध की शिकायतें मेरे पास आ चुकी हैं। लॉकडाउन के दौरान भी साइबर अपराधी काफी सक्रिय थे। अब साइबर अपराधी केवल एक ही तरीका नहीं बल्कि कई तरीके अपना रहे हैं। ऐसे में लोगों को ध्यान रखने की विशेष आवश्यकता है।

श्याम चंदेल, साइबर एक्सपर्ट
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इन तरीकों से कर रहे धोखाधड़ी
- सिम कार्ड फ्र ॉड

-ऑनलाइन डेटिंग फ्र ॉड
- फेसबुक हैक

- क्यूआर कोड स्के न फ्र ॉड
- वॉट्सएप और सोशल साइट से वीडियो व वॉइस कॉलिंग फ्र ॉड

- कपल चैलेंज से आईडेंटिटी थेफ्ट
- ओएलएक्स फ्र ॉड

- फेक एसएमएस लिंक और फेक एप लिंक
- फे क कुरियर लैटर फ्र ॉड

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madhulika singh Reporting
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