
उदयपुर . मधुवन स्थित राहत हॉस्पिटल से एमबी चिकित्सालय गंभीर हालत में रैफर हुई नवजात की सोमवार को हालत ज्यादा बिगड़ गई। आक्रोशित परिजनों, रिश्तेदारों व कॉलेज छात्रों ने राहत चिकित्सालय के प्रबंधन के विरूद्ध कठोर कार्रवाई व मामले के प्रशासनिक स्तर पर जांच को लेकर कलेक्ट्रेट के बाहर प्रदर्शन किया। प्रशासनिक अधिकारियों के आश्वासन के बाद भी छात्र कार्रवाई की मांग को लेकर अड़े रहे और कलेक्ट्री के बाहर ही धरना लगाकर बैठ गए।
सुबह करीब 10 बजे छात्र नवजात के परिजन और रिश्तेदारों के साथ कलक्ट्रेट पर एकत्रित हुए। हंगामा करते हुए प्रदर्शन किया। जबरन परिसर में घुसने पर पुलिस ने उन्हें रोका। फिर प्रतिनिधि मंडल ने कलक्टर को ज्ञापन सौंपा। लेकिन उचित आश्वासन नहीं मिलने पर छात्र अभी भी कलक्ट्रेट के बाहर धरना लगाकर बैठे हैं।
गौरतलब है कि सविना खेड़ा निवासी निर्भयसिंह पुत्र भानसिंह की पत्नी ने 29 नवम्बर को एक बच्ची को कल्पना नर्सिंग होम में जन्म दिया था। 7 माह की अपरिपक्व होने पर चिकित्सकों ने उसे बेहतर इलाज बताकर राहत हॉस्पिटल रेफर कर दिया। आरोप लगाया कि हॉस्पिटल में लगातार चिकित्सक झूठा आश्वासन देकर बच्ची की हालत में सुधार की जानकारी देते रहे। बच्ची जन्म के समय पूरी तरह से स्वस्थ्य थी तथा उसके पैर में हल्का इंफेक्शन बताया। चिकित्सकों की लापरवाही से इंफेक्शन फैलता रहा। हालत बिगडऩे पर उसे एमबी चिकित्सालय रैफर कर दिया गया। दो दिन से भर्ती बच्ची की हालत अभी नाजुक बनी हुई है। उसके पूरे पैर में गैंगरीन फैल गया। वहीं, ,अस्पताल प्रबंधक अरविंदर सिंह ने बताया कि बच्ची को उसके माता-पिता डिस्चार्ज करवाकर ले गए। बिल भुगतान करते समय धमकाकर गए कि हम वापस आकर पैसे लेकर जाएंगे। आधे घंटे बाद 10-15 लोग आए और तोडफ़ोड़ व लूटपाट की। नर्सिंग स्टाफ रियाज अहमद, डॉक्टर पूजा चान्दोलिया के साथ मारपीट की। तुरंत जाब्ता बुलवाया। पुलिस ने हालत को काबू में किया।
Updated on:
11 Dec 2017, 2:01 PM IST
Published on:
11 Dec 2017, 1:57 PM IST
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.