
चन्दनसिंह देवड़ा/उदयपुर . पहले चुनाव के दौरान पढ़ाई बाधित और अब अधूरे कोर्स के बीच सिर पर खड़ी परीक्षाएं। विद्यार्थियों की इस चिंता को छोडक़र विभिन्न शिक्षक संगठन अपने वेतन-भत्तों व सुविधाओं की मांग शिक्षाधिकारियों से कर रहे हैं। आए दिन के प्रदर्शन और हंगामे से जिला शिक्षाधिकारी इतने उकता गए हैं कि अब उन्होंने पुलिस-प्रशासन को मदद के लिए चि_ी लिख डाली। मामला उदयपुर का है। यहां सोमवार को तो शिक्षक संगठनों के प्रदर्शन के दौरान मामला मारपीट व अभद्रता तक पहुंच गया था। इस पर जिला शिक्षाधिकारी सुशीला नागौरी कलक्टर आनंदी से मिली और एसपी से गुहार की कि वे उनके कार्यालय के कर्मचारियों की सुरक्षा व्यवस्था करवाएं। उल्लेखनीय है कि पिछले 15 दिनों में शिक्षक संगठन राष्ट्रीय, पंचायतीराज और प्रगतिशील की ओर से पांच मर्तबा प्रदर्शन किया गया।
एफआईआर दर्ज नहीं
जिला शिक्षा अधिकारी प्रा कार्यालय के संस्थापन शाखा में तैनात शिक्षक के साथ पंचायतीराज शिक्षक संघ के नेताओं की ओर से प्रदर्शन के दौरान मारपीट की घटना के बाद भी मंगलवार को एफआईआर दर्ज नहीं हो पाई। कलक्टर ने प्रार्थी शिक्षक उदयलाल सालवी से रिपोर्ट दर्ज करवाने की बात कही। सुरक्षा की मांग पर एएसपी ने हाथीपोल थाना पुलिस को आवश्यक कार्रवाई के लिए लिखा है।
मांगी सुरक्षा
प्रारंभिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय में तैनात कार्मिकों ने शिक्षक नेताओं पर कानूनी कार्रवाई की मांग की। संस्थापन शाखा प्रभारी रामनिवास मीणा ने बताया कि कार्यालय में शिक्षक नेताओं की ओर से की जा रही अभद्रता से कार्यालय में दहशत का माहौल है। पंचायती राज शिक्षक संघ के नेताओं ने तीन घंटे तक हंगामा करते हुए राजकार्य में बाधा उत्पन्न की।
जिसके साथ घटना उसने साधी चुप्पी
प्रदर्शन के दौरान उदयलाल सावली के साथ अभद्रता एवं मारपीट हुई, वह मंगलवार को कार्यालय में ही नहीं आया और ना ही किसी के फोन उठाए। प्रारंभिक शिक्षा अधिकारी ने बताया कि मेरी उनसे बात हुई लेकिन वह कार्रवाई के संबंध में परिवार से बात कर कदम उठाने की बात कह रहे है। इधर, कलक्टर ने भी सबसे पहले प्रार्थी से लिखित कानूनी कार्रवाई संबंधी रिपोर्ट मांगी। उदयलाल को 22 दिसम्बर को ही संस्थापन शाखा से रिलिव कर दिया था। सोमवार को उसे काम से बुलाया गया था लेकिन प्रदर्शन कर रहे शिक्षकों ने उदयलाल पर गड़बड़ी करते हुए काम अटकाने के आरोप लगाते हुए उसे घेर लिया। फिर कार्यालय से बाहर निकाल दिया।
आए दिन शिक्षक संगठनों की दादागिरी
शिक्षक संगठन आए दिन विभिन्न मांगों को लेकर जिला शिक्षा अधिकारी, संयुक्त निदेशक और कलक्टर कार्यालय में प्रदर्शन कर जम कर हंगामा करते हैं। घेराव के नाम पर अधिकारियों को दबाव में लेकर धाक जमाते हैं ताकि इन संगठनों से जुड़े शिक्षकों में छवि कायम रहे। पिछले 15 दिनों में पंचायतीराज शिक्षक संगठन, राजस्थान शिक्षक संग राष्ट्रीय, शिक्षक संग प्रगतिशील ने शीतकालीन अवकाश में आवासीय शिविरों का विरोध किया, नोशनल परिलाभ, वेतन भत्ते, एरियर की मांग पर 5 बार प्रदर्शन किए।
कलक्टर और एएसपी सिटी से मिलकर घटना की जानकारी देते हुए सुरक्षा मांगी है। शिक्षक संगठन ने हद पार करते हुए जो बर्ताव किया, उससे खौफ का माहौल बन गया है। कानूनी कार्रवाई करवाएंगे। — सुशीला नागौरी, जिला शिक्षा अधिकारी प्रारंभिक
इस तरह की अमर्यादित हरकत शिक्षक संगठन ने की जिसने शिक्षक समाज को शर्मसार कर दिया है। प्रदर्शन के तरीके और भी हैं। दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। — जसवंतसिंह पंवार, जिलाध्यक्ष, शिक्षक संघ राष्ट्रीय
प्रारंभिक शिक्षा अधिकारी ने चिट्ठी देकर कानूनी कार्रवाई की मांग की है जिसको लेकर जांच के निर्देश संबंधित थाने को दिए हैं। — पारस जैन, एएसपी सिटी
प्रदर्शन के दौरान नारेबाजी हुई एवं मारपीट जैसा कुछ नहीं हुआ। ऐसा होता तो फोटो, वीडियो कुछ तो सामने आता। बेवजह मुद्दे से ध्यान भटकाया जा रहा है। — शेरसिंह चौहान, प्रदेश वरिष्ठ उपाध्यक्ष,पंचायतीराज शिक्षक संघ
Published on:
09 Jan 2019 04:52 pm
