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जिले के 195 ग्राम पंचायत मुख्यालयों में चिकित्सा सुविधा नहीं: कोई बीमार हुआ तो दौड़ों शहर की राह

- - चरणबद्ध रूप से खोलने की सरकार ने की है घोषणा - सर्वाधिक ग्रामीण क्षेत्र कोटड़ा और झाड़ोल में ही चिकित्सा व्यवस्थाओं का टोटा

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भुवनेश पंड्या

उदयपुर. जिले में अभी भी गांव-गांव ढाणी-ढाणी चिकित्सा सुविधा उपलब्ध नहीं हो पाई है। हालात ये है कि दूर दराज के ये 195 ग्राम पंचायत मुख्यालय ऐसे हैं जहां चिकित्सा सुविधा उपलब्ध नहीं होने से लोगों को छोटे-छोटे उपचार के लिए भी यहां के बाशिन्दे बेवजह परेशान होते हैं। डॉक्टर को दिखाने के लिए समीपस्थ किसी अन्य हॉस्पिटल में दौडऩा पड़ता है या तत्काल शहर की राह पकडऩी होती है। हालांकि उप स्वास्थ्य केन्द्र खुलने के बाद भी वहां उन्हें एएनएम के भरोसे ही रहना पडेग़ा।

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ये चिकित्सा सुविधा भी नहीं है यहां...

- ग्रामीण क्षेत्रों में चिकित्सा की सबसे निचली कड़ी उप स्वास्थ्य केन्द्र होता है, लेकिन जिले के 195 ग्राम पंचायत मुख्यालयों पर ये सुविधा उपलब्ध नहीं है। उप स्वास्थ्य केन्द्र पर एक एएनएम होती है, आशा उसे सहयोग करती है। हालांकि इन गांवों में ये सुविधा भी नहीं है।

- सरकार ने वर्ष 2021-22 में उप स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्रों से वंचित ग्राम पंचायत मुख्‍यालयों पर चरणबद्ध रूप से उप स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र खोले जाने की घोषणा की हैं। वर्तमान में उदयपुर जिले में 17 पंचायत समितियां है। जिनमें से 9 पंचायत समितियों पर मोबाइल मेडिकल वाहन संचालित है। शेष 8 पंचायत समितियों में फिलहाल एमएमवी ( मोबाइल मेडिकल वाहन) संचालित करने के लिए भारत सरकार से स्वीकृति मिली है। 8 एमएमवी सेवाप्रदाता के माध्‍यम से उपलब्‍ध करवाई जा रही है।

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इस ब्लॉक के इतने ग्राम पंचायत मुख्यालय जहां नहीं है उप स्वास्थ्य केन्द्र पंचायत समिति का नाम- संख्या जहां नहीं उप स्वास्थ्य केन्द्र

बडग़ांव- 4

भींडर- 4

गिर्वा- 13

गोगुन्दा- 11

जयसमन्द- 6

झाडोल- 15

झल्लारा- 10

खेरवाड़ा- 17

कोटड़ा- 37

कुराबड़- 03

लसाडिय़ा- 09

मावली- 04

नयागांव- 10

फलासिया- 11

ऋषभदेव- 12

सलूम्बर- 07

सराड़ा- 07

सायरा- 07

सेमारी- 05

वल्लभनगर-03

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-कुल- 195

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मोबाइल मेडिकल वाहनों की पंचायत समितिवार स्थिति- विभाग की ओर से बताया जा रहा है कि मोबाइल मेडिकल वाहन में चिकित्सक, नर्सिंग स्टाफ, फार्मासिस्ट साथ में दवाइयां लेकर जरूरत के आधार पर योजना तैयार कर दूरदराज क्षेत्रों में लोगों के उपचार के लिए जाते हैं। जिन गांवों में जाने का प्लान बनाते हैं, इसका अप्रूवल जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में होता है। हालांकि इसका कितना उपयोग हो रहा है, वह जांच का विषय है।

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पंचायत समिति जहां हैं एमएमवी- एमएमवी सेवाप्रदाता से खेरवाड़ा- झल्लारा ऋषभदेव- कुराबड़ हिरणमगरी, गिर्वा - फलासिया कोटड़ा - सायरा लसाडिय़ा - सेमारी सलूम्बर - बडग़ांव सराड़ा - झाड़ोल मावली - गोगुन्दा भींडर-

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-कुल- 9- 8

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सरकार चरणबद्ध तरीके से इन ग्राम पंचायत मुख्यालयों पर ये उप स्वास्थ्य के न्द्र खोलेगी। अभी तो एमएमवी से दूर दराज के क्षेत्रों में समय पर उपचार करने का प्रयास किया जा रहा है।

डॉ दिनेश खराड़ी, सीएमएचओ उदयपुर

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