ये है कोरोना से लड़ाई के योद्धा, घर वाले पहले घबराए, लेकिन अब तैयार

रियल हीरो- पार्ट दो

ये है कोरोना से लड़ाई के योद्धा,

घर वाले पहले घबराए, लेकिन अब तैयार

दिन भर रहते हैं संक्रमण में

घर की परवाह तक नहीं इन्हें

By: bhuvanesh pandya

Published: 27 Mar 2020, 06:33 PM IST

भुवनेश पंड्या

उदयपुर. ये वे योद्धा है जो सुबह से शाम तक कोरोना संक्रमण के बीच कोविड 19 से सीधा लोहा ले रहे हैं। ये बकायदा पूरे दमखम और बिना किसी डर के डटकर कोरोना का मुकाबला कर रहे हैं। उन्हें ये तो नहीं पता कि इस महामारी से लड़ाई का अगला पड़ाव क्या होगा, लेकिन पूरी शिद्दत के साथ व यहां जुटे हुए हैं। चिकित्सकों के बाद यहां बात कुछ फीमेल नर्स की है जो पूरा दिन यहीं मरीजों के बीच गुजारती है, वक्त पर उनकी मदद करती है। महाराणा भूपाल हॉस्पिटल के सुपर स्पेशलिटी ब्लॉक के कोरोना ब्लॉक में ये कार्मिक पूरी मुस्तैदी से काम कर रहे हैं।

]जाते ही ये मिलते है सबसे पहले इनसे:इन्दुबाला सेन, कल्पना और नीता नवल - ये सभी फीमेल नर्स है, सुबह 8 से, 2 से 8 व रात 8 से सुबह 8 बजे तक इनमें से किसी एक समय राउण्ड दी क्लॉक इनकी ड्यूटी लगाई जाती है। ये एसएसबी ब्लॉक में ओपीडी में काम देख रहे है। ये सीधे जांच के लिए आने वाले मरीजों से मिलती है, जिन मरीजों से हर कोई डरता है ये उनकी पर्ची बनाती है, उनका पंजीयन करती हैं, उस मरीज को बिठाकर उसकी पूरी हिस्ट्री लेकर स्क्रीनिंग के लिए आगे भेजती हैं। तीनों का कहना है कि ड्यूटी करनी है तो डरना कैसा, उनका मानना है कि कोरोना से लडऩा सीखा है उन्होंने। वे कहती है कि जो मरीज यहां पहुंच रहे वे काफी डरे हुए आते हैं, पहले वह उन्हें समझाकर बिठाती है, उनका डर दूर करने का प्रयास करती हैं। फिर वह थोड़े सामान्य हो जाते है फिर बात करती है। यहां से पहुंच रहे है संक्रमित व संदिग्ध फिलहाल ओपीडी में केरल, भीलवाड़ा, जयपुर, मुम्बई, सूरत, मध्यप्रदेश सहित देश के विभिन्न हिस्सों से मरीज जांच के लिए आ रहे हैं। कई बार विदेशी भी आते हैं। विदेशी अपने यहां के मरीजों की बजाय थोड़े निडर नजर आते हैं। वे शंात भाव सेआकर अपनी बात बताते हैं, उनके अनुसार ये बीमारी फैली है तो उन्हें टेस्ट करवाना जरूरी है।

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घर पर भी अब तो समझने लगे हैं...

पहले जैसे ही घर वालों ने सुना था कि ड्यूटी कोरोना वार्ड में है तो वे डरने लगे थे, लेकिन जब उन्हें पूरे सुरक्षा प्रबन्ध की जानकारी दी गई तो वे सामान्य हुए, अब वे भी पूरी तरह तैयार है, मानते है कि इस लड़ाई में हमें हर हाल में जीतना है।

bhuvanesh pandya
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