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पांच सौ रुपए की रिश्वत लेने वाले सरकारी स्कूल के बाबू को न्यायालय ने सुनाई एक वर्ष की कैद

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udaipur court decision

पांच सौ रुपए की रिश्वत लेने वाले सरकारी स्कूल के बाबू को न्यायालय ने सुनाई एक वर्ष की कैद

उदयपुर. बिल भुगतान के एवज में 11 साल पहले पांच सौ रुपए रिश्वत लेने वाले आरोपी सरकारी स्कूल के बाबू को न्यायालय ने एक वर्ष की कैद व 10 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई।राजसमंद जिले के राजकीय माध्यमिक विद्यालय बामणिया कला के तत्कालीन वरिष्ठ लिपिक बंशीलाल खटीक के खिलाफ 4 मई 2007 को ईसीआईएल-ईसीआईटी हैदराबाद के कर्मी संजय कुमार ने एसीबी राजसमंद के एएसपी को रिश्वत की शिकायत की थी। इसमें बताया कि उसे कंपनी ने राजसमंद जिले के माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक विद्यालयों में स्थानीय सर्विस प्रदाता के रूप में नियुक्त किया था। वह जुलाई 2003 से वहां कांटे्रक्ट के नियमानुसार कार्य कर रहा था। उसे जुलाई 2003 से 28 फरवरी 2006 तक का भुगतान किया जा चुका था। मार्च 2006 से अप्रेल 2007 का भुगतान बकाया चल रहा था। इस संबंध में कार्यवाहक प्रधानाध्यापक गोवर्धनलाल जाट को बिल पेश कर भुगतान का तकाजा किया तो वे लगातार टालमटोल कर रहे थे। कभी बाबूजी का बहाना तो कभी कम्प्यूटर इंचार्ज अरुण विजयवर्गीय नहीं होना बताकर बिलों को लटकाए रखा। इस संबंध में विद्यालय के बाबू बंशीलाल खटीक से बातचीत की तो उसने पांच सौ रुपए रिश्वत मांगी।

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सत्यापन पुष्टि होने के बाद ब्यूरो टीम ने उसे पकड़ लिया। आरोप पत्र पेश होने पर लोक अभियोजक गणेश शंकर तिवारी ने पैरवी करते हुए आवश्यक साक्ष्य व दस्तावेज पेश किए। आरोप सिद्ध होने पर विशेष न्यायाधीश (भ्रष्टाचार निवारण मामलात) के पीठासीन अधिकारी गोपाल बिजोरीवाल ने आरोपी को भ्रष्टाचार की विभिन्न धाराओं में एक-एक वर्ष की कैद व पांच-पांच हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई। न्यायालय ने अपने निर्णय में तल्ख टिप्पणी करते हुए लिखा कि वर्तमान में आए दिन भ्रष्टाचार के मामले सामने आ रहे है। जनसामान्य को उनके छोटे-बड़े कार्यो के लिए रिश्वत राशि देने के लिए मजबूर करना निश्चित तौर पर चिंता का विषय है।
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