उदयपुर: दक्षिण विस्तार में बड़ी कार्रवाई, यूआईटी ने करोड़ों की जमीन से हटाया कब्जा

उदयपुर: दक्षिण विस्तार में बड़ी कार्रवाई, यूआईटी ने करोड़ों की जमीन से हटाया कब्जा

Mukesh Hingar | Publish: Nov, 11 2017 12:21:13 PM (IST) Udaipur, Rajasthan, India

उदयपुर . दक्षिण विस्तार में करीब 15 बीघा जमीन पर अतिक्रमण को नगर विकास प्रन्यास (यूआईटी) ने शुक्रवार को ध्वस्त किया।

उदयपुर . दक्षिण विस्तार में करीब 15 बीघा जमीन पर अतिक्रमण को नगर विकास प्रन्यास (यूआईटी) ने शुक्रवार को ध्वस्त किया। स्थगनादेश खारिज करने के बाद यूआईटी ने तत्काल कार्रवाई करते हुए हथोड़ा चलाकर जमीन से कब्जे साफ किए।
यूआईटी की टीमें सुबह करीब 11 बजे दक्षिण विस्तार में पहुंची, जहां पर कार्रवाई शुरू की। कार्रवाई से पहले कब्जेधारियों ने यह कहकर विरोध किया कि कोर्ट में स्थगनादेश दे रखा फिर कैसे कार्रवाई कर रहे हैं तो यूआईटी के अधिकारियों ने स्टे खारिज होने के आदेश बताते हुए कार्रवाई जारी रखने को कहा।

 

यूआईटी सचिव रामनिवास मेहता ने बताया कि करीब 15 बीघा जमीन पर चौसरबाई गुर्जर का कब्जा था जिस पर कोर्ट ने स्थगनादेश दे रखा था लेकिन आदेश खारिज करने के बाद यूआईटी ने कार्रवाई की। यूआईटी के भूमि अवाप्ति अधिकारी पुष्पेन्द्र सिंह शेखावत, तहसीलदार गोवर्धन सिंह झाला, एक्सईएन अनित माथुर, सहायक अभियंता सुरेश जैन सहित सभी पटवारी आदि ने मौके पर कार्रवाई शुरू की, सुरक्षा की दृष्टि से बड़ी संख्या में होमगार्ड साथ थे।

 

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टीम ने वहां बने एक कमरे, पानी के हौद और चारदीवारी को ध्वस्त किया।
जानकार बताते है कि जिस जमीन को कब्जा मुक्त किया गया, उसकी बाजार दर करीब सात करोड़ रुपए से ज्यादा है। इससे पूर्व टीम ने दक्षिण विस्तार में मेलड़ी माता मंदिर के पास में यूआईटी की जमीन पर अतिक्रमण कर बनाए गए निर्माण को भी ध्वस्त किया।


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उदयपुर . पन्नाधाय राजकीय महिला चिकित्सालय के पालने में किसी अज्ञात ने सात दिन के नवजात बालक का परित्याग किया गया। चिकित्सा कार्मिकों ने शुक्रवार को यह नवजात को बाल कल्याण समिति की अध्यक्ष डॉ. प्रीति जैन सहित अन्य सदस्यों के समक्ष पेश किया। चिकित्सालय के अनुसार परिजन ने बच्चे का सुरक्षित परित्याग किया है। दूध की बोतल एवं नवजात के नए कपड़े इसकी पुष्टि करते हैं। मामले में सीडब्ल्यूसी ने नवजात की देखरेख को लेकर राजकीय शिशुगृह में रखने के निर्देश दिए। अधिकतर मौकों पर पालने में नवजात कन्याओं के छोडऩे के मामले ही सामने आते हैं।

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