फ्रेंच और जर्मन तकनीक से किया गया वाल्व प्रत्यारोपण, मिला नया जीवन

- गीतांजली मेडिकल कॉलेज एवं हॉस्पिटल उदयपुर

By: bhuvanesh pandya

Published: 01 Mar 2020, 11:09 PM IST

भुवनेश पंड्या

उदयपुर. गीतांजली मेडिकल कॉलेज एवं हॉस्पिटल उदयपुर के कार्डियक सेंटर द्वारा बिना ओपन हार्ट सर्जरी की प्रक्रिया के प्रति जागरूकता फैलाने के सन्दर्भ में निजी होटल में संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इसमें नवीनतम तकनीक से टावी प्रक्रिया के बारे में विस्तृत जानकारी दी गयी। 72 वर्षीय वृद्धा का गीतांजली कार्डियक सेंटर में इस प्रक्रिया के माध्यम से ऑपरेशन किया गया। शरीफ ा काय्यूमॉली एक बहुत ही संजीदा दिल की बीमारी से जूझ रही थी। 10 वर्षों से मधुमेह रोग भी था, दोनों किडनी भी अस्वस्थ थी और दिल की धड़कन भी कम थी । रोगी का घुटना भी पहले बदला जा चुका था और साथ में बार बार यूरिनरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन होता था, रोगी के शरीर में दूसरे मरीजों की अपेक्षा ऑक्सीजन की मात्रा भी कम थी। जांच में सामने आया कि कम्पलीट हार्ट ब्लाक है। दिल की धडकन बहुत कम थी और दिल के चार वाल्व में से दो वाल्व खराब थे, उम्र बदने के साथ साथ दिल की सबसे बड़ी धमनी एओर्टा का वाल्व बहुत ज्यादा खराब था और सिकुड़ गया था। सबसे पहले कार्डियोलॉजिस्ट डॉ रमेश पटेल द्वारा रोगी को ड्यूल चेंबर पेसमेकर डाला गया जिससे रोगी की स्थिति कुछ बेहतर हुई। यूरोलॉजी डॉ विश्वास बाहेती ने किडनी की बीमारी के लिए डीजे स्टेंटिंग की। डॉ ओंकार वाघ द्वारा नियमित रूप से रोगी की डायबिटीज को नियंत्रित रखा गया। गत शनिवार को रोगी का जांघ की नाड़ी के रास्ते कृत्रिम मेक इन इंडिया वाल्व प्रत्यारोपित किया गया तथा 3 घंटे के भीतर रोगी को वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया। हृदय शल्य चिकित्सक डॉ संजय गांधी ने बताया कि वह दो बार जर्मनी से प्रशिक्षण लेने के बाद इस तकनीक से यहां पर लोगों का इलाज करना चाहते थे। जैसे ही इस तरह के रोगी का मामला सामने आया तो कार्डियक टीम ने रोगी का इलाज जांघ की नाड़ी के रास्ते वाल्व प्रत्यारोपण करने का विकल्प चुना। प्रक्रिया में डॉ संजय गाँधी के साथ कार्डियोलॉजिस्ट डॉ रमेश पटेल ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, वह भी फ्र ांस से इस तकनीक का प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके हैं। टीम में इंटरवेशनल कार्डियोलॉजिस्ट में डॉ कपिल भार्गव, डॉ रमेश पटेल, डॉ शलभ अग्रवाल, डॉ डेनी मंगलानी, डॉ शुभम चेलावत और कार्डियो थोरेसिक वैस्कुलर सर्जन डॉ प्रशांत, डॉ अजय वर्मा, डॉ पार्थ वाघेला, कार्डियक एनेस्थेटिस्ट विशेषज्ञों की में डॉ अंकुर गांधी, डॉ कल्पेश मिस्त्री, डॉ चिंतन पटेल, डॉ अर्चना एन्यूरो वैस्कुलर इंटरवेशनल रेडियोलॉजिस्ट डॉ सीताराम बारठ, कैथ लैब टीम, कार्डियक ओटी टीम, ए सीटीवीएस आईसीयू एंड कार्डियक वार्ड स्टाफ का बखूबी योगदान रहा। अब तक कार्डियक टीम द्वारा गीतांजलि में सफ लतापूर्वक तीन टावी किए जा चुके हैं, यह बड़ी उपलब्धि है। सीनियर कार्डियोलॉजिस्ट डॉ कपिल भार्गव ने कहा कि प्रक्रिया उन्हीं रोगियों की जाती है जिनके बहुत सी जटिलताएं होती हैं। सीईओ प्रतीम तम्बोली ने तीन टावी करने पर कार्डियक टीम को बधाई दी।

bhuvanesh pandya Reporting
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