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पशु चिकित्सालय में स्टाफ की कमी का ‘ताला

Veterinary Hospital मोड़ी स्थित राजकीय पशु चिकित्सालय के हाल
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udaipur

पशु चिकित्सालय में स्टाफ की कमी का 'ताला

उदयपुर/ भटेवर. veterinary hospital मोड़ी ग्राम पंचायत पर स्थित राजकीय पशु चिकित्सालय में सरकारी उदासीनता का ताला लटका है। पशु चिकित्साधिकारी व आवश्यक स्टाफ के रिक्त पदों के बीच इस चिकित्सालय का चैनल गेट हमेशा बंद रहता है। समस्या से स्थानीय ग्रामीणों को पशुओं के उपचार में नित नई तकलीफें आ रही हैं। आलम यह है कि स्थानीय पशुपालकों को पशुओं के उपचार के लिए निजी चिकित्सकों से सेवाएं लेनी पड़ रही है। ऐसे में समय और धन दोनों की बर्बादी हो रही है।
बात चिकित्सालय की करें तो रिक्त पदों की समस्या से जूझ रहे पशु चिकित्सालय में बीते दिनों तक पशुधन परिचर की सेवाएं लोगों को मिल रही थी। लेकिन, करीब एक सप्ताह पूर्व परिचर को अन्यत्र स्थानांतरित करने के बाद चिकित्सालय का ताला खोलने वाला स्टाफ भी नहीं बचा है। Veterinary Hospital मौसमी बीमारियों के बीच पशुओं के उपचार को लेकर पशुपालकों में चिंताएं की लकीरें बढ़ रही हैं।

जल्द करेंगे नियुक्ति
पशु चिकित्सकों की कमी से समस्याएं हो रही हैं। पशुपालकों के हित में कोई वैकल्पिक व्यवस्था जल्द ही की जाएगी।
डॉ. ललित जोशी, संयुक्त निदेशक, पशुपालन विभाग

भटक रहे पशुपालक
साकरिया, नया तालाब, रोही खेड़ा सहित समीपवर्ती इलाकों के पशुपालक जानकारी के अभाव में चिकित्सालय तक आकर निराश लौट रहे हैं। पशुपालकों को आर्थिक नुकसान हो रहा है।
भगवती लाल सुथार, मोड़ी ग्रामीण

मजबूरी में जेब ढीली
सरकारी उदासीनता का नुकसान पशुपालकों को आर्थिक तौर पर उठाना पड़ रहा है। Veterinary Hospital मजबूरी में पशुपालकों को निजी चिकित्सकों के पास पशुओं के उपचार के लिए जाना पड़ता है।
जीवन सालवी, पशुपालक, मोड़ी