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रुपए जमा कराने में लगी सरकार, किसानों के कृषि कनेक्शन से इनकार !

wait for agriculture connection तय डिमांड राशि जमा कराने के बाद भी 5 साल से भटक रहे किसान, झाड़ोल उपखण्ड की ग्राम अटाटिया का मामला
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रुपए जमा कराने में लगी सरकार, किसानों के कृषि कनेक्शन से इनकार !

रुपए जमा कराने में लगी सरकार, किसानों के कृषि कनेक्शन से इनकार !

उदयपुर/ झाड़ोल. wait for agriculture connection केंद्र और प्रदेश की सरकारें किसान हितैषी होने के भले ही कितने दावे करें, लेकिन धरातल पर सरकारी तंत्र (अजमेर विद्युत वितरण निगम) की खामियां किसानों के लिए नित नई चुनौती बनकर उभर रही है। डिमांड ड्राफ्ट भराने के बाद भी निगम तंत्र के जिम्मेदार किसानों को कृषि कनेक्शन के नाम पर केवल गुमराह कर रही हैं। ऐसे ही मामले उपखण्ड के अटाटिया क्षेत्र में आज भी चिंता का विषय बने हुए हैं। निरंतर पांच साल से प्रयासों के बावजूद निगम ने किसान को कृषि कनेक्शन की सुविधा नहीं दी। अटाटिया निवासी कालूसिंह पुत्र नवलसिंह की बात करें तो उसने 18 दिसम्बर 2015 को पहली बार कृषि कनेक्शन के लिए आवेदन किया था। करीब एक साल तक वह डिमांड राशि के लिए आने वाली चि_ी को लेकर राह तकता रहा। समस्या पर प्रार्थी ने एवीवीएनएल गोगुंदा कार्यालय में अभियंताओं से संपर्क साधा तो उसे जल्द ही डिमांड भेजने का आश्वासन मिला। बाद में वह लगातार तीन साल तक चक्कर काटता रहा। बाद में उसने उच्चाधिकारियों के समक्ष गुहार लगाई। तब कहीं जाकर 28 सितम्बर 2018 को उसकी फाइल रि-ओपन कर 5 सौ रुपए की रसीद कटाई गई। इस पर जारी हुए डिमांड नोटिस के बाद 6 नवंबर 2018 को उसने 11 हजार रुपए की राशि निगम के खाते में जमा कराई। लेकिन, अब तक भी निगम स्तर पर किसान को कनेक्शन की सुविधा मुहैया नहीं कराई गई।

कहीं धोखाधड़ी तो नहीं
इधर, पीडि़त किसान की मानें तो उसके पिता की ओर से लगाए गए आवेदन पर उनकी ओर से 18 दिसम्बर 2015 को रसीद संख्या 953386 के माध्यम से 2575 रुपए जमा कराए गए थे। लेकिन, तीन साल बाद भी उसे कनेक्शन सुविधा नहीं मिली। फिर 28 सितम्बर 2018 को फाइल रि-ओपन के नाम पर रसीद संख्या 80680 से 5 सौ रुपए जमा कराए। लेकिन, डिमांड राशि जमा कराने के बाद भी उसे कनेक्शन की सुविधा से वंचित रखा गया।

केवल प्रार्थी से सौतेला व्यवहार!
प्रार्थी की मानें तो वर्ष 2015 में उनके साथ हुए आवेदनों के तहत गांव के ही किसान प्रताप सिंह पुत्र धनसिंह अटाटिया, किशन सिंह पुत्र सोहन सिंह अटाटिया, नवल सिंह पुत्र धूलसिंह अटाटिया को वर्ष 2017 में बिजली कनेक्शन की सुविधा दी गई। इसके बाद भी उनकी ओर से 6 नबम्बर 2018 को रसीद संख्या 81627 से 11650 रुपए डिमांड के जमा कराए गए, लेकिन अब तक भी उसे बिजली की सुविधा नहीं मिली। उसकी ओर से मामले को लेकर निगम के जिम्मेदारों के अलावा, जिला कलक्टर, कृषि विभाग एवं अन्य ओहददारों को लिखित में शिकायत की गई, लेकिन हल नहीं निकला।

हुई थी फाइल रद्द
किसान की ओर से जमा कराए गए डिमांड के बाद प्रार्थी मौके पर नहीं मिला। इसके चलते फाइल को रद्द कर दिया गया। wait for agriculture connection फाइल नियमानुसार रि-ओपन होने के बाद कनेक्शन की सुविधा दी जाएगी।
राकेश सोनी, अधिशासी अभियंता, एवीवीएनएल