6 मई 2026,

बुधवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

तेज रफ्तार ने ले ली इकलौते बेटे की जान…सिर के दो टुकड़े हो गए

13 वर्षीय बालक चला रहा था तेजगति से बाइक, मोड़ पर अनियंत्रित होकर खंभे से भिड़ा

2 min read
Google source verification
jaipur hindi news, latest city news today, crime in jaipur

accident,death,Speed,Fast Speed Bike,

उज्जैन। 13 वर्षीय बालक घर से चुपके से बाइक लेकर चला गया। तेज गति होने से घर से कुछ ही दूरी पर मोड़ पर तेज गति में अनियंत्रित होकर खंभे से जा टकराया। टक्कर इतनी तेज थी कि सिर के दो टुकड़े हो गए। जिससे उसकी मौके पर मौत हो गई। प्रवीण (१३) पिता भेरूलाल मीणा निवासी दुर्गा कॉलोनी बुधवार शाम करीब ७.३० बजे बाइक लेकर मेला जाने के लिए निकला। गायत्री शक्तिपीठ के समीप स्थित उत्तरामुखी हनुमान मंदिर के सामने मोड़ पर अनियंत्रित होकर लोहे के खंभे से टकरा गया।

लोगों ने पहुंचाया अस्पताल
दुर्घटना के बाद आसपास के लोगों ने उसे अस्पताल पहुंचाया। जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। ड्यूटी डॉक्टर ने बताया कि दुर्घटना की वजह से उसके सिर बीच से फट गया था। पेट का गॉड ब्लेडर भी फट गया था। जिस वजह से उसकी मौत हो गई।

15 दिन पहले ही लगा था दुकान पर काम करने
प्रवीण बीते १५ दिन से सराफा स्थित कपड़े की दुकान में काम कर रहा था। वह इकलौता लड़का था। बड़ी बहन नीतू ने बताया कि कल ही उसने काम छोड़ दिया था। सेठ से पैसे लेकर मेला घूमने के लिए निकला था। चोरी-चुपके मोटरसाइकिल ले गया। वह अधिकतर ऐसा ही करता था। तेज गति से गाड़ी चलाने के कारण मोटरसाइकिल की चाबी उससे छुपा कर रखते थे, लेकिन वह कैसे ना कैसे गाड़ी ले ही जाता था।

तेज गति की वजह से हुई दुर्घटना
इंदिरा नगर निवासी प्रकाश पिता गोवर्धन शर्मा की उत्तरामुखी के सामने फोटो फ्रेम और फूल की दुकान है। गोवर्धन ने बताया कि प्रवीण कम से कम ६५ से अधिक स्पीड से गाड़ी चला रहा था। मोड़ पर सीमेंट की सड़क होने की वजह से वह अनियंत्रित हो गया। पहले वह गणेश मंदिर में टकराते-टकराते बचा। फिर सामने लगे लोहे के खंभे से टकरा गया। घटना के बाद उसे जिला अस्पताल पहुंचाया और परिजनों को सूचना दी।

लाया था नए कपड़े
इकलौते बेटे की मौत की वजह से पिता और मां रेखा का रो-रोकर बुरा हाल है। पिता मिस्त्री का काम करते हैं। मां ने बताया कि वह बुधवार को ही नए कपड़े लेकर आया था। तैयार होकर मेला जाने के लिए निकला, लेकिन वापस नहीं लौटा।