6 मई 2026,

बुधवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

video : अस्पताल में अग्निशमन गिरने से वार्ड में मची अफरा-तफरी, चारों तरफ फैला फॉग

जिला अस्पताल के डी वार्ड में आग बुझाने वाला यंत्र गिरने से फैला फॉग, मरीजों में आग लगने की अफवाह से मची भगदड़

2 min read
Google source verification
patrika

fog,rumor,ujjain news,District Hospital,fire extinguisher,female ward,fire retarder,

उज्जैन। जिला अस्पताल के महिला डी वार्ड की दीवार पर टंगे अग्निशमन यंत्र के गिरने और नोजल खुल जाने से पूरे वार्ड में फॉग फैल गया। इससे भर्ती महिलाओं और परिजनों के बीच आग लगने की अफवाह से अफरा-तफरी मच गई। किसी तरह नर्सों ने दौड़कर अग्निशमन यंत्र के नोजल को बंद किया और भर्ती महिलाओं को वार्ड से बाहर निकाला। तब कहीं जाकर मामला शांत हुआ।

गुरुवार सुबह 10 बजे घटी इस घटना की खबर जैसे ही अन्य वार्ड में तैनात कर्मचारियों को लगी, वे दौड़कर डी वार्ड पहुंचे और संबंधित अधिकारियों को इसकी सूचना दी। महिला वार्ड पूरी तरह मरीजों से भरा हुआ है, वार्ड में फॉग फैलने से सभी बेड खराब हो गए थे, जिन्हें फिर से साफ कर वार्ड की सफाई की गई। इस बीच करीब १ घंटे तक यहां भर्ती महिलाओं को परेशान होना पड़ा।

निगम कर्मी को आया हार्ट अटैक, साथी कर्मी अस्पताल लेकर दौड़े
उज्जैन. नगर निगम के सहायक ग्रेड-३ कर्मचारी हरिसिंह चौहान को बुधवार दोपहर १.३० बजे निगम मुख्यालय के भूतल स्थित स्वास्थ्य विभाग में हार्ट अटैक आ गया। अचेत होने पर अन्य कर्मी उन्हें उठाकर गाड़ी में सिविल अस्पताल ले गए। यहां आईसीयू में इलाज दिया, फिर परिजन पहुंचे और हरिसिंह को निजी हॉस्पिटल में भर्ती कराया। इधर निगम कर्मचारियों ने बताया कि हरसिंह अधिकारियों के टालमटोल रवैए के चलते दो माह से परेशान है और उसकी तनख्वाह अटकी हुई है।

हरिसिंह कुछ माह पहले कार्तिक चौक वार्ड ऑफिस में पदस्थ था। भृत्य से बाबू बनने के बाद उसकी पदस्थापना स्वास्थ्य विभाग में करने के आदेश हुए हैं, लेकिन यहां ज्वाइनिंग नहीं कराए जाने से वो परेशान चल रहा है और उसे पगार भी नहीं मिली। वह उपायुक्त योगेंद्र पटेल के पास गया था। किसी बात को लेकर उन्होंने उसे डांटकर भगा दिया। इसके बाद कर्मी की तबीयत बिगड़ गई। मामले में उच्च अधिकारी से शिकायत नहीं की है।

आज लेंगे आपत्ति
निगम कर्मचारी संगठन अधिकारियों के रवैए से खफा हैं। कर्मचारी नेताओं के अनुसार किसी कर्मी को प्रताडि़त करना अनुचित है। जब आदेश हुए हैं तो उसे ज्वाइनिंग क्यों नहीं कराई जा रही। संभवत: इस संबंध में गुरुवार को कर्मचारी संघ निगमायुक्त को आपत्ति दर्ज कराएगा। साथ ही इलाज के लिए आर्थिक सहायता की मांग रखेगा।