कालिदास के मंच पर नारी-शक्ति के दर्शन

कालिदास के मंच पर नारी-शक्ति के दर्शन

Lalit Saxena | Publish: Nov, 27 2015 12:28:00 PM (IST) Ujjain, Madhya Pradesh, India

गुंदेचा बंधुओं ने धु्रपद गायकी से समां बांधा

उज्जैन. अखिल भारतीय कालिदास समारोह में गुरुवार को ग्वालियर की कथक नृत्यांगना यास्मिन सिंह और सह नर्तकियों ने शक्ति स्वरूपा की नयनाभिराम प्रस्तुति दी। इसके अलावा इसी मंच पर गुंदेचा बंधुओं ने धु्रपद गायकी का जादू बिखेरा तो श्रोता रसिक झूम उठे। 

ग्वालियर की कलाकार यास्मिन ने नारी के विविध रूपों को अलग-अलग जिम्मेदारियों व समाज को संतुलन प्रदान करने वाली के तौर पर प्रस्तुत किया। इसके पहले नई दिल्ली के चेतन जोशी ने बांसुरी वादन किया। उन्होंने छठ पर्व पर बजाए जाने वाले गीत की धुन बांसुरी से बजाई।

गुंदेचा बंधुओं ने धु्रपद गायकी से एेसा समां बांधा की लोग वाह कर उठे। समय की कमी श्रोता-दर्शकों के मन को कचौटती रही। आलाप, बंदिश निराकार, निरंजन से हॉल गूंज उठा। अखिलेश गुंदेचा की पखावज की थाप पर उमाकांत गुंदेचा व रमाकांत गुंदेचा ने शिव स्तुति महादेवा शिवा शिवा योगी महाबली शिवा शिवा... गाकर महाकाल की नगरी के संगीत साधकों ने बाबा महाकाल की आराधना की। उज्जैन निवासी पद्मश्री व डागर बंधुओं के गुणी शिष्य गुंदेचा बंधुओं ने अपने स्वजनों, दोस्तों व श्रोताओं के आभार जताया।

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