साधु-संत भी अब भाजपाई-कांग्रेसी होने लगे - शंकराचार्य

कांग्रेस नागनाथ तो भाजपा सांपनाथ है। साधु-संत भी अब भाजपाई, कांग्रेसी होने लगे हैं। विहिप, आरएसएस और हिन्दू महासभा अब सामाजिक संगठन नहीं होकर राजनैतिक दल की तरह कार्य कर रहे हैं।

By: Lalit Saxena

Published: 18 Dec 2018, 07:45 AM IST

उज्जैन. कांग्रेस नागनाथ तो भाजपा सांपनाथ है। साधु-संत भी अब भाजपाई, कांग्रेसी होने लगे हैं। विहिप, आरएसएस और हिन्दू महासभा अब सामाजिक संगठन नहीं होकर राजनैतिक दल की तरह कार्य कर रहे हैं। यह बात सोमवार को उज्जैन पहुंचे गोवर्धनमठ पुरी पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वतीजी ने पत्रकारों से चर्चा में कही। शंकराचार्य ने कहा कि देश में आध्यात्म केंद्रों में आध्यात्मिकता नहीं रही है। एेसी स्थिति में सामाजिक तंत्र खत्म होते जा रहा है। अधिकांश राजनैतिक दल इस प्रयास में है कि आध्यात्मिकता केंद्र नहीं रहे। आध्यात्मिकता केंद्रों को शासन तंत्र निगल रहा है। सरकार ने जैन-सिख समुदाय को अल्पसंख्यक बना दिया है और हिन्दुओं को अल्पसंख्यक बनाने का षड्यंत्र रचा जा रहा है।

अगवानी के साथ शंकराचार्य का स्वागत
इसके पूर्व गोवर्धन मठपुरी पीठाधीश्वर जगदगुरू शंकराचार्य निश्चलानन्द सरस्वती महाराज सोमवार प्रात: उज्जैन पहुंचे। महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति के सहायक प्रशासनिक अधिकारी दिलीप गरूड़ ने शंकराचार्यजी की रेलवे स्टेशन पर अगवानी की। दोपहर में हरसिद्धि धर्मशाला में संभागायुक्त एमबीओझा, कलेक्टर मनीष सिंह, महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति के प्रशासक अभिषेक दुवे के साथ प्रबुद्धजनों ने शंकराचार्यजी से सौजन्य भेंट की।

पट्टाभिषेक वर्षपूर्ति महोत्सव
शाम को स्वामीजी के शंकराचार्य बनने के 25 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में विद्वत परिषद एवं पीठ परिषद आदित्यवाहिनी, आनंद वाहिनी के तत्वावधान में कालिदास अकादमी में शंकराचार्य पद की रजत जयंती पर पट्टाभिषेक वर्षपूर्ति महोत्सव का आयोजन किया गया। इस अवसर पर शंकराचार्य का अभिनंदन किया गया।

संगोष्ठी में लेंगे भाग
मंगलवार को शंकराचार्य निश्चलानन्द सरस्वती महाराज प्रात:11.30 बजे हरसिद्धि धर्मशाला में आयोजित संगोष्ठी में भाग लेंगे। इसके बाद शाम 5.30 बजे महाकाल प्रवचन हॉल में प्रवचन देंगे। शंकराचार्य निश्चलानन्द सरस्वती बुधवार को हरसिद्धि धर्मशाला में संगोष्ठी कार्यक्रम के बाद इन्दौर के लिये प्रस्थान करेंगे।

होंगे अनेक कार्यक्रम
गोवर्धनमठ पुरी पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वतीजी सोमवार सुबह 8 बजे नर्मदा एक्सप्रेस से उज्जैन आए। स्वामीजी के शंकराचार्य बनने के 25 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में नगर में अनेक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इस दौरान शंकराचार्य हरसिद्धि धर्मशाला में विराजित रहेंगे। मप्र आदित्य वाहिनी के संयोजक अमित शर्मा ने बताया कि सोमवार की शाम 5 बजे विद्वत परिषद एवं पीठ परिषद आदित्यवाहिनी, आनंद वाहिनी के तत्वावधान में कालिदास अकादमी में पुरी शंकराचार्यजी के जगदगुरु शंकराचार्य पद की रजत जयंती पर पट्टाभिषेक वर्षपूर्ति महोत्सव आयोजित हुआ। इस अवसर पर शंकराचार्य का अभिनंदन एवं प्रवचन हुए।

महाकाल प्रवचन हॉल में कार्यक्र
18 दिसंबर की शाम 5.30 बजे महाकालेश्वर प्रवचन हाल में महाकालेश्वर प्रबंधन समिति द्वारा शंकराचार्य के स्वागत, प्रवचन का कार्यक्रम रखा गया है। इसके पहले सुबह 11.30 बजे शंकराचार्य के सान्निध्य में हरसिद्धि धर्मशाला में संगोष्ठी होगी। शंकराचार्य 19 दिसंबर को शाम 4 बजे इंदौर के लिए प्रस्थान करेंगे।

Lalit Saxena
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