2 अक्टूबर को किसान हल चला कर अपनी भूमि पर करेंगे कब्जा

Ruchi Sharma

Publish: Sep, 16 2017 03:51:44 (IST)

Lucknow, Uttar Pradesh, India
2 अक्टूबर को किसान हल चला कर अपनी भूमि पर करेंगे कब्जा

ट्रांस गंगा सिटी के लिए अधिग्रहित की गई जमीन का मामला

उन्नाव. हजारों की संख्या में आए शंकरपुर सराय गांव के ग्रामीणों व गुलाबी गैंग के सदस्यों से जिलाधिकारी का ना मिलना इतना नागवार गुजरा कि किसान नेता ने प्रशासन को खुलेआम चुनौती दे दी कि अब कोई भी किसान प्रशासन से बात करने के लिए नहीं आएगा। किसान नेता ने कहा कि सबसे पहले यूपीएसआईडीसी के द्वारा कराए जा रहे कार्य बंद करवाया जायेगा।

उसके बाद आगामी 2 अक्टूबर को गांधी जयंती मनाने के बाद शांतिपूर्वक किसान अपनी जमीन पर हल चलाकर कब्जा लेंगे। इधर आज यूपीएसआईडीसी के कार्यालय के पास संदिग्ध अवस्था में बाइक सवार युवक बेहोशी की हालत मिला। चर्चा इस बात की है कि युवक को विरोधी पक्ष के लोगों ने घायल किया है।

सूचना पाकर मौके पर पहुंची गंगाघाट थाना पुलिस ने घायल को किसी प्रकार समझा बुझाकर जिला अस्पताल में भर्ती कराया। इसके पूर्व सूचना पाकर मौके पर क्षेत्राधिकारी नगर भी मौके पर पहुंच गए। वही आक्रोशित किसान साइड ऑफिस के पास क्रमिक अनशन पर बैठ गए हैं।


ज्ञापन लेने के लिए जिलाधिकारी नहीं आई


गौरतलब है विगत 15 सितंबर को पूर्वनियोजित कार्यक्रम के अनुसार हजारों की संख्या में शंकरपुर सराय के किसान जिलाधिकारी कार्यालय का घेराव करने पहुंच गए। जहां पुलिस ने जिला जज कार्यालय के सामने रोक लिया। पुलिस ने पहले से ही बैरिकेटिंग लगाकर रोकने का पूरा इंतजाम कर लिया था।


जिससे कई घंटे तक नए पुल पर आवागमन पूरी तरह बाधित रहा। इधर गुलाबी गैंग की संपत पाल का कहना था कि जब तक जिलाधिकारी मौके पर नहीं आती हैं। तब तक वह ज्ञापन नहीं देंगे। किसान नेता हिरेंद्र निगम ने बताया कि इसके पूर्व एक सितंबर को जिलाधिकारी के प्रतिनिधि के रूप में नगर मजिस्ट्रेट को ज्ञापन दे चुके हैं।


परंतु उस पर कोई कार्यवाही नहीं की गई। आज एक बार फिर जिलाधिकारी मौके पर नहीं आई। जबकि हजारों की संख्या में छोटे बच्चे बूढ़े बुजुर्ग जवान महिला सभी 25 किलोमीटर दूर चल कर जिलाधिकारी कार्यालय पर पहुंच गये। उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन का या रवैया किसान के खिलाफ जाने का संदेश दे रहा है। जिलाधिकारी के ना आने से आक्रोशित किसान बिना ज्ञापन दिए ही वापस चले गए।

बातचीत के दौरान किसान नेता हिरेंद्र निगम ने बताया कि पूरे प्रकरण में जिला प्रशासन की भूमिका संदिग्ध लग रही है। वह किसानों की समस्याओं को सुलझाना नहीं चाहती है। उन्होंने बताया कि अब जिला प्रशासन से किसी प्रकार की कोई बातचीत नहीं होगी। जो भी बातचीत होगी यूपीएसआइडीसी से होगी। दोनों के बीच जिला प्रशासन की कोई आवश्यकता नहीं है। हिरेन्द्र निगम ने बताया कि आगामी 2 अक्टूबर को जब सारा देश गांधी जयंती मना रहा होगा। किसान यूपीएसआईडीसी के द्वारा अधिग्रहित की गई भूमि पर हल चलाकर कब्जा करेगा। जिला प्रशासन की उदासीनता के बाद किसान यूपीएसआईडीसी के कार्यालय के पास क्रमिक अनशन पर बैठ गए।


बेहोशी की हालत में मिला एक किसान विरोधी पर आरोप

इधर यूपीएसआईडीसी के कार्यालय के पास बेहोशी की हालत में मिले गुड्डू को जिला अस्पताल में उपचार के लिए भर्ती कराया गया। इसके पूर्व गंगाघाट थाना पुलिस को गुड्डू से बातचीत करने और घटना के विषय में जानकारी करने का प्रयास किया।

परंतु गुड्डू मुंह खोलने को तैयार नहीं हुआ। काफी मशक्कत और समझाने बुझाने के बाद पुलिस को गुड्डू को जिला अस्पताल में भर्ती करने कराने में सफलता मिली। जहां गुड्डू ने बताया कि विरोधी पार्टियों ने उस पर हमला कराया है। जो चाहते हैं कि किसान आंदोलन कमजोर हो जाए। इस मौके पर क्षेत्राधिकारी नगर के साथ सफीपुर व गंगा घाट सहित अन्य थानों की पुलिस पहुंच गई थी।

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