अंतरराज्यीय गिरोह के 5 सदस्य चढ़े पुलिस के हत्थे

अंतरराज्यीय गिरोह के 5 सदस्य चढ़े पुलिस के हत्थे

Ashish Pandey | Publish: Jan, 13 2018 10:25:06 PM (IST) Lucknow, Uttar Pradesh, India

बना रहे थे डकैती की योजना, पकड़े गए अभियुक्तों में केरल तेलंगाना पंजाब और उत्तर प्रदेश के.

 

 

उन्नाव. सोशल मीडिया के माध्यम से केरल, तेलंगाना, पंजाब के साथ जनपद मिर्जापुर व उन्नाव के युवक आर्थिक तंगी में दोस्त बन गए। किसी के व्यापार में घाटा होने से आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ा तो किसी को राजनीतिक क्षेत्र में घाटा हुआ। यह सभी पांच अभियुक्त पुलिस के हत्थे चढ़ गए। यह बड़ी कामयाबी जनपद पुलिस को उस समय हासिल हुई। जब गश्त के दौरान पुलिस को संदिग्ध अवस्था में पांच अभियुक्त मिले। जो डकैती डालने की योजना बना रहे थे। उसी समय पांचों अभियुक्त पुलिस की गिरफ्त में आ गए। यह सभी अभियुक्त गलत रास्ते पर चलकर अपने ऐशो-आराम के जरूरतों को पूरा करना चाहते थे।

आर्थिक तंगी के कारण चुना गलत रास्ता

पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर चलाए जा रहे अपराधियों के विरुद्ध अभियान में पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी। जब सदर कोतवाली क्षेत्र के लोधन हार में गस्त के दौरान थाना पुलिस को अंतरराज्यीय 5 शातिर लुटेरों को पुलिस ने गिरफ्तार किया। जब वह डकैती की योजना बना रहे थे। पुलिस को पकड़े गए अभियुक्तों के पास से अवैध तमंचे के साथ मोबाइल, चाकू, पासपोर्ट, आधार कार्ड भी बरामद हुआ है। क्षेत्राधिकारी नगर स्वतंत्र कुमार सिंह ने बताया कि पूछताछ के दौरान पकड़े गए अभियुक्तों ने जानकारी दी कि आर्थिक तंगी के चलते उन लोगों ने गलत रास्ते पर चलने का निर्णय लिया। उन्होंने बताया कि Facebook के माध्यम से वह लोग एक दूसरे के निकट आए थे। अच्छे कपड़े पहनने का शौक, नशे की लत, विलासितापूर्ण जिंदगी के कारण वह लोग किसी न किसी रूप में तंगी में आ गए थे। उन्नाव निवासी संदीप कुमार ने सबको उन्नाव बुलाया था। यहां पर वह लोग सराफा बाजार, बैंक व एटीएम की रेकी कर योजनाओं को अंजाम देने की तैयारी करते थे। उन्होंने बताया कि एक विशेष एटीएम लूटने की योजना बनाई गई थी। रात में जब वह लोग डकैती की योजना को अंजाम देने के लिए इकट्ठा हुए थे। पुलिस की सक्रियता व सजगता के चलते पकड़े गए। पुलिस का मानना है कि इस गिरफ्तारी से जिले में बड़ी घटना होने से बच गई।

घाटा लगने के कारण अवैध रूप से कमाई का जरिया ढूंढ निकाला
पत्रकारों से बातचीत करते हुए क्षेत्राधिकारी नगर ने बताया कि अभियुक्तों के पास से दो तमंचा 315 बोर और 12 बोर दो कारतूस पेचकस डोरी पेट्रोल साबण चाकू 5 मोबाइल फोन, पासपोर्ट, आधार कार्ड बरामद हुआ है। पूछताछ के दौरान अभियुक्तों ने बताया कि वह लोग सोशल मीडिया इंटरनेट Facebook के माध्यम से एक दूसरे से नजदीक आए हैं। उन्होंने बताया कि अभियुक्त विष्णु सट्टा में पैसे हारने के बाद तंगी में आ गया था जबकि अभियुक्त संदीप एक राजनीतिक दल के विजिटिंग कार्ड बनाने पर पैसे भुगतान नहीं ले पाया था। जिसके कारण वह तंगी में आ गया। वही दानिश अली का तेलंगाना राज्य के हैदराबाद में जूते का कारोबार था। जिसमें घाटा होने के कारण तंगी में आ गया। जबकि अभियुक्त शैलेश पटेल का बनारस में फास्ट फूड का कारोबार था। उसे भी घाटा लगने के बाद गिरोह के नजदीक आया। वही अभियुक्त गुरविंदर का लुधियाना में कपड़े का कारोबार था। गुरविंदर को भी घाटा लगने के कारण अवैध रूप से कमाई का जरिया ढूंढ निकाला। जहां से उसे जेल तक का सफ़र करना पड़ रहा है।

पकड़े गए अभियुक्तों में संदीप कुमार 21 पुत्र रामपाल लोध साल निवासी जुराखन खेड़ा कोतवाली सदर उन्नाव जिसके पास से पुलिस को एक तमंचा 315 बोर व मोबाइल फोन मिला है। वहीं शैलेश पटेल पुत्र रामसखा सिंह पटेल वर्ष निवासी इब्राहिमपुर थाना अदलाहट जिला मिर्जापुर है। जिसके पास से एक साबड़ व मोबाइल फोन मिला। जबकि दानिश अली 31 पुत्र सय्यद अंसार अली निवासी आई ए एस कॉलोनी गोलकुंडा जिला हैदराबाद तेलंगाना भी गिरोह में शामिल है। इसके पास से एक तमंचा दो कारतूस के साथ मोबाइल फोन भी मिला है। गुरविंदर सिंह 29 पुत्र बलदेव सिंह निवासी नैनी कोट कान्हू वन जिला गुरदासपुर, पंजाब हाल पता पंच कॉलोनी थाना जमालपुर जिला लुधियाना का भी नाम है। जिसके पास से पुलिस को एक पेचकस व मोबाइल फोन बरामद हुआ। विष्णु विजय 26 पुत्र विजय निवासी कैनचरा थाना कैनचरा जिला वायनाड केरल को भी पुलिस ने गिरफ्तार किया है। जिसके जामा तलाशी में एक टेप रोल, चाकू, मोबाइल और सफेद सूत की डोरी बरामद हुई है। क्षेत्राधिकारी ने बताया कि पकड़े गए सभी भक्तों को जेल भेज जा रहा है। गिरफ्तार करने वाली टीग में शामिल उपनिरीक्षक कृष्ण चंद्र, कांस्टेबल फाल सिंह राकेश कुमार को पुलिस अधीक्षक ने ₹10000 नगद व गणतंत्र दिवस पर प्रशस्ति पत्र देने की घोषणा की गई है।

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