पद्मश्री उद्यमी की फैक्ट्री - अल्प वेतन भोगी श्रमिक का स्थानांतरण पांच सौ किलोमीटर दूर

- Mirza International Unit-1 का मामला है

- श्रम आयुक्त कार्यालय में मिल रही तारीख पर तारीख

- प्रधानमंत्री की सकारात्मक अपील कोविड-19 कॉल को अवसर के रूप में लें का उठाया नाजायज फायदा

- योगी शासन की मंशा के विपरीत हो रहा श्रमिकों का शोषण

By: Narendra Awasthi

Updated: 01 Jul 2020, 08:30 AM IST

उन्नाव. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोविड-19 कॉल को अवसर के रूप में लेने की अपील देशवासियों से की थी। उनकी इस सकारात्मक सोच को पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित सहित अन्य कई उद्यमियों ने भी अवसर के रूप में लिया और अपने यहां कई दशक से कार्यरत अल्प वेतन पाने वाले मजदूरों को लगभग 500 किलोमीटर दूर क्लास वन सिटी स्थानांतरित करने का कार्य किया। मजदूरों का कहना है कि इसके पीछे उद्यमी की सोच है कि मजदूर को इतना परेशान किया जाए कि वह स्वयं इस्तीफा देकर घर बैठ जाए। लेकिन वह परिवार का भरण पोषण कैसे करें। एक तरफ शासन प्रशासन प्रवासी मजदूरों को नौकरी देने के दावे कर रहा है। वहीं दूसरी तरफ उद्यमियों द्वारा की जा रही इस छटनी पर चुप्पी साधे हैं। जबकि असहाय श्रमिक जिलाधिकारी कार्यालय से लेकर श्रमायुक्त कार्यालय तक कि सड़क नाप रहा है। श्रमायुक्त कार्यालय में भी सभी को को तारीख पर तारीख मिल रही है।

मिर्जा इंटरनेशनल यूनिट - 1 का मामला

पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित मिर्जा कि मिर्जा इंटरनेशनल लिमिटेड unit-1 का मामला है। इस संबंध में कर्मचारियों ने बताया कि उक्त फैक्ट्री के एक सैकड़ा से अधिक अल्प वेतन पाने वाले श्रमिकों को नोएडा स्थानांतरित कर दिया गया है। और स्थानांतरण लेटर पत्र में लिखा गया है कि आप लोग अमित कुमार के अंतर्गत काम करेंगे। हेक्टिक तरफ से उन्हें कुल ₹8279 का अल्प मानदेय दिया जाता है। खंड बीमा आदि काटकर हाथ में ₹7223 ही मिलते हैं। इसी वेतन के सहारे वह लोग अपने परिवार के सदस्यों का पेट पालते हैं।

श्रमिकों का आरोप प्रदेश सरकार की मंशा के खिलाफ कार्य कर रहे उद्यमी

श्रमिकों ने बताया कि एक तरफ प्रदेश सरकार श्रमिकों को बाहर से बुलाकर उन्हें रोजगार दे रही है वहीं दूसरी तरफ फैक्ट्री मालिक द्वारा उन्हें बाहर भेजने का नोटिस थमाया जा रहा है रिंकू ने अपने शिकायती पत्र में लिखा है कि ऐसे प्रदेश में जहां की मुखिया कहते हैं कि श्रमिकों का नुकसान नहीं होने दिया जाएगा सभी को रोजगार मिलेगा ऐसी स्थिति में फैक्ट्री मालिकों द्वारा उन्हें नौकरी से निकाला जाना योगी शासन की मंशा के विपरीत है यदि उनके साथ न्याय नहीं हुआ तो वह लोग आत्मदाह करने को मजबूर होंगे। शिकायत करने वालों में संजय कुमार सोनी, बृज किशोर, इरफान, बिंदा प्रसाद, रफीक, साकिर, मैकूलाल निजाम अहमद सहित सैकड़ों की संख्या में श्रमिक शामिल थे। जिन्होंने जिलाधिकारी कार्यालय में अपने साथ हो रहे अन्याय को लेकर प्रदर्शन किया।

Narendra Awasthi
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