सरकारी कर्मचारियों की मिलीभगत, शासन से मिलने वाले राशन की कालाबाजारी

जिला अधिकारी का आदेश एक कान से सुना, दूसरे से निकाल दिया...

उन्नाव. हसनगंज विकासखंड के कोटेदारों की मनमानी से पात्र गृहस्थी कार्डधारक परेशान है। जिसकी शिकायत जिलाधिकारी अब तक कई बार पहुंच चुकी है। जिलाधिकारी ने भी जिला पूर्ति अधिकारी को कार्रवाई के निर्देश दिए। लेकिन संदेशों में खेती होती रही फर्क कहीं नहीं पड़ा। कोटेदार अपने आपको विधायक का रिश्तेदार बताता है और कहता है। उसका कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता है। शराब पीकर ग्रामीणों के साथ दबंगई करता है और राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना के अंतर्गत आने वाले खाद्यान्न का कालाबाजारी करता है। तनख्वाह के रूप में मोटी रकम उठाने वाले सप्लाई इंस्पेक्टर के ऊपर पात्र गृहस्थी कार्ड धारकों की समस्याओं से कोई असर नहीं पड़ता है। जिलाधिकारी आदेश देकर भूल जाते हैं। उनके निर्देश का कितना अनुपालन हुआ। इस विषय में जवाब तलब नहीं करते। जिससे अधीनस्थों में किसी भी प्रकार का भय नहीं रहता है। इस संबंध पूर्ति निरीक्षक ने बताया कि शिकायत मिली थी। ग्रामीणों की समस्याओं को दिया गया।

 

ग्रामीणों को 3 माह से नहीं मिला राशन

हसनगंज विकासखंड का गांव हैदराबाद का कोटेदार खाद्यान्न की कालाबाजारी खुलेआम कर रहा है। इस संबंध में बातचीत करने पर ग्रामीणों ने बताया कि उक्त कोटेदार के खिलाफ कई बार शिकायत गई है। लेकिन इधर कोई कार्यवाही नहीं की गई। जबकि इसके पूर्व भ्रष्टाचार के आरोप में कोटेदार के खिलाफ कई बार कार्रवाई हो चुकी है। उन्होंने बताया कि विगत 3 माह से ग्रामीणों को राशन नहीं दिया गया है। ग्रामीण महिलाओं ने बताया कि 2 दिन से ज्यादा महिलाओं ने जिलाधिकारी को शिकायती पत्र कोटेदार खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की थी। जिलाधिकारी ने जिला पूर्ति अधिकारी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। लेकिन जांच के लिए पहुंचा पूर्ति निरीक्षक ने जांच को दफन कर दिया और कोटेदार के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की। पूर्ति निरीक्षक की मिलीभगत से खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2013 के अंतर्गत मिलने वाला सरकारी सस्ता गल्ला नहीं मिल पा रहा है।

 

अपात्र उठा रहे हैं पात्र गृहस्थी का राशन

इसी प्रकार का एक मामला हसनगंज तहसील क्षेत्र के मियागंज विकास खंड के गांव अहमदपुर टकटौली का सामने आया है। यहां का कोटेदार भी अपनी मनमानी कर रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि उपरोक्त कोटेदार के खिलाफ जांच करा लिया जाए तो काफी संख्या में पात्र गृहस्थी कार्ड धारक अपात्र की श्रेणी में आ जाएंगे। तत्कालीन जिलाधिकारी ने पात्र गृहस्थी धारकों के जांच के निर्देश दिए थे और अपात्र पात्र गृहस्थी के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत करने के निर्देश दिए थे। जिलाधिकारी के आदेश पर अपात्र पात्र गृहस्थी का फायदा उठाने वाले लोगों में हड़कंप मच गया था। काफी लोगों ने अपना कार्ड सरेंडर भी कराया था। लेकिन फिर मामला रफा-दफा हो गया। आज कोटेदार अपात्र पात्र गृहस्थी कार्ड धारकों के नाम पर जमकर कालाबाजारी कर रहा है। जो जांच का विषय है। इस संबंध में बातचीत करने पर पूर्ति निरीक्षक ने बताया कि शिकायत की जांच कराई गई थी। ग्रामीणों की शिकायत दूर कर दी गई है।

नितिन श्रीवास्तव
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