फरियाद अनसुनी होने पर महिला पहुंची आत्मदाह के लिए जिलाधिकारी की चौखट पर, एक बार फिर मिला आश्वासन

आखिरकार न्याय ना मिलने पर महिला जिलाधिकारी कार्यालय में आत्मदाह करने के लिए पहुंच गई।

By: आकांक्षा सिंह

Published: 16 May 2018, 02:35 PM IST

उन्नाव. आखिरकार न्याय ना मिलने पर महिला जिलाधिकारी कार्यालय में आत्मदाह करने के लिए पहुंच गई। अपने बेटे के साथ पहुंची महिला इसके पूर्व पुलिस अधीक्षक की चौखट पर कई बार हाजिरी लगा चुकी है लेकिन उसे न्याय नहीं मिला। न्याय मिलता भी कैसे जब थाना पुलिस की गलबहियां दबंगों के साथ हो रही हो। महिला का कहना है कि उसके पति अपने साथी दबंगों के साथ उसको कई बार मारने का प्रयास कर चुके हैं। इसके साथ ही उनका मोबाइल और पैसे न जेवर भी छीन चुके हैं। अजगैन थाना में तहरीर दी लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।


पुलिस अधीक्षक को दी तहरीर
पुलिस अधीक्षक को भी तहरीर दिया गया। वहां से भी न्याय नहीं मिला। इसके बाद पीड़ित महिला जिला अधिकारी के कार्यालय पर पहुंच जाती है। जहां उसने जिलाधिकारी कार्यालय में शिकायती पत्र दिया परंतु महिला को दूसरी शिकायत बनाकर लाने को कहकर वापस कर दिया जाता है। महिला ने मीडिया के सामने पूछा अधिकारी को कितनी शिकायतें पत्र चाहिए। वह आज के पहले भी कई बार शिकायती पत्र दे चुकी है। जिलाधिकारी कार्यालय के सामने महिला पल्थी मारकर बैठ गई और अपने ऊपर मिट्टी का तेल डाल दिया। मिट्टी का तेल डालते देख मौके पर खड़े पुलिस के जवानों ने उसे ऐसा करने से रोका। बार-बार महिला अपने बेटे से माचिस की मांग करती रही।

अजगैन थाना क्षेत्र का मामला

अजगैन थाना क्षेत्र के पछियाव नवाबगंज निवासी संतोषी कश्यप पुत्री बल्लू ने बताया कि उसका मुकदमा पति सुनील कश्यप के साथ चल रहा है। विगत 24 अप्रैल को उनके पति के परिवार के सदस्य प्रशांत पुत्र विनोद निवासी नवाबगंज ने उसे मोटरसाइकिल से धक्का दे दिया। इस विषय पर पूछने पर उसने गंदी गंदी गालियां देते हुए बीच चौराहे पर मारने पीटने लगा लेकिन तब तक काफी मजमा इकट्ठा हो गया था।


पति के साथ चल रहा गुजारा भत्ता व तलाक का मुकदमा

संतोषी कश्यप ने बताया कि इस संबंध में उसने अजगैन थाना में तहरीर दी लेकिन ससुरालीजनों के दबंग और पैसे के आगे थाना पुलिस कुछ नहीं बोल रही है। इस संबंध में पुलिस अधीक्षक को भी कई बार पत्र दिया लेकिन वह भी कहते हैं मैं क्या करूं। इस मामले में संतोषी ने बताया कि जिलाधिकारी की चौखट पर आत्मदाह करने के अलावा उनके पास कोई दूसरा रास्ता नहीं बचा। मेरे मरने के बाद मुझे न्याय मिलेगा। इधर मौके पर आए अधिकारी ने संतोषी को ऐसा आश्वासन दिया कि उसके साथ न्याय किया जाएगा। वहीं सूचना पाकर मौके पर पहुंची महिला पुलिस इंस्पेक्टर वर्क जवान पीड़ित महिला के बयान लिए। पीड़ित महिला के एक 13 साल की लड़की और एक 8 साल का लड़का भी है।

आकांक्षा सिंह
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