
Swami
वाराणसी. कभी बसपा सुप्रीमो मायावती के कभी खास रहे स्वामी प्रसाद मौर्या फिर से पार्टी बदल सकते हैं। सियासी जगत में इस बात के तेजी से कयास लगाये जा रहे हैं। यूपी चुनाव से पहले ही स्वामी प्रसाद मौर्या ने बीएसपी छोड़ कर बीजेपी को ज्वाइन किया था उसके बाद से स्वामी प्रसाद मौर्या लगातार ऐसा बयान दे रहे हैं जिससे मंत्रिमंडल के साथ बीजेपी से भी उनका पत्ता कट सकता है।
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स्वामी प्रसाद मौर्या का जिन्ना को लेकर दिया गया बयान अब उनके गले की हड्डी बनता जा रहा है। अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में मोहम्मद अली जिन्ना की तस्वीर लगने के बाद स्वामी प्रसाद मौर्या ने विवादित बयान दिया था। स्वामी प्रसाद मौर्या ने कहा था कि जिन्ना को महापुरुष करार दिया था और अंग्रजों से आजादी की लड़ाई में महत्वपूर्ण योगदान देने वाला बताया था। स्वामी प्रसाद मौर्या के बयान से बीजेपी में घमासान मच गया है। पडरौना से बीजेपी विधायक व कैबिनेट मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्या के बयान ने इतना विवाद खड़ा किया है कि खुद स्वामी प्रसाद ने मीडिया पर बयान को तोड़ मरोड़ कर पेश कर का ठीकरा फोड़ा है इसके बाद भी बीजेपी में स्वामी प्रसाद मौर्या को लेकर विरोध तेज होता जा रहा है। सीएम योगी आदित्यनाथ ने भी इस बयान से बेहद नाराज है। बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने पहले ही कर्नाटक चुनाव के बाद यूपी के मंत्रिमंडल में बड़ा उलटफेर करने का संकेत दिया है ऐसे में माना जा रहा है कि स्वामी प्रसाद मौर्या का मंत्रिमंडल से पत्ता कट सकता है। इस संदर्भ में बीजेपी के नेता खुद कर कुछ भी बोलने से परहेज कर रहे हैं। स्वामी प्रसाद मौर्या का विवादित बयानों से पुराना नाता है।स्वामी प्रसाद मौर्या ने कुछ दिन पहले बयान दिया था कि सीएम योगी आदित्यनाथ से ज्यादा अधिकारियों पर बसपा सुप्रीमो मायावती का खौफ दिखता था। मीडिया में बयान आने के बाद से जब सियासी तूफान उठा तो स्वामी प्रसाद मौर्या ने अपना बयान पलट दिया था।
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स्वामी प्रसाद मौर्या के दामाद ने थामा है सपा का दामन
स्वामी प्रसाद मौर्या के दामाद डा.नवल किशोर को अखिलेश यादव ने सपा ज्वाइन करा लिया है। स्वामी प्रसाद मौर्या वर्तमान समय में सीएम योगी आदित्यनाथ सरकार में श्रम विभाग, सेवायोजन, शहरी रोजगार और गरीबी उन्मूलन विभाग के मंत्री है। सूत्रों की माने तो स्वामी प्रसाद मौर्या अपने विभाग से खुश नहीं है और लोकसभा चुनाव २०१९ में बेटी को टिकट दिलाना चाहते हैं। परिजनों को टिकट दिलाने के मुद्दे पर स्वामी प्रसाद मौर्या व मायावती में विवाद हुआ था उसके बाद ही उन्होंने बीजेपी ज्वाइन की थी। यदि स्वामी प्रसाद मौर्या को बीजेपी से किनारा किया जाता है तो वह दूसरी पार्टी का दामन थाम सकते हैं।
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Published on:
3 May 2018, 4:28 PM IST
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