बसपा ने दिया कांग्रेस व सपा को तगड़ा झटका, पीएम नरेन्द्र मोदी को मिली राहत

बसपा ने दिया कांग्रेस व सपा को तगड़ा झटका, पीएम नरेन्द्र मोदी को मिली राहत

Devesh Singh | Publish: Sep, 10 2018 01:22:04 PM (IST) Varanasi, Uttar Pradesh, India

लोकसभा चुनाव 2019 में बनना है महागठबंधन, जानिए क्या है कहानी

वाराणसी. बसपा सुप्रीमो मायावती ने कांग्रेस व सपा को तगड़ा झटका दे दिया है। लोकसभा चुनाव 2019 में पीएम नरेन्द्र मोदी को रोकने के लिए महागठबंधन होना है जिसमे सपा, कांग्रेस के साथ बसपा को भी शामिल होना है। अभी सीटों का बंटवारा नहीं हुआ है फिर भी यह माना जा रहा है कि बीजेपी के खिलाफ विपक्ष एकजुट होगा। सोमवार को कांग्रेस ने भारत बंद बुलाया है जिसके समर्थन में अनेक दल सड़क पर उतर चुके हैं लेकिन बसपा कार्यकर्ता इस आंदोलन में नहीं दिखायी दे रहे हैं।
यह भी पढ़े:-पीएम मोदी के संसदीय क्षेत्र की तस्वीरे, कही खुद को जंजीर से जकड़ा, कही गांधीवादी तरीके से कराया बंद

पीएम नरेन्द्र मोदी के संसदीय क्षेत्र बनारस की बात की जाये तो कांग्रेस के बाद सपा व वामपंथ समर्थक ही भारत बंद को लेकर सक्रिय दिख रहे हैं। बसपा के नेता इस आंदोलन में शामिल नहीं हुए हैं। इससे कांग्रेस व सपा को झटका लगा है। दोपहर तक बसपा कार्यकर्ता सड़क पर उतरे नहीं दिखे। बीएसपी सूत्रों की माने तो आलाकमान ने बंद को लेकर कोई निर्देश नहीं जारी किया है जिसके चलते बसपा कार्यकर्ता सक्रिय नहीं हुए है। बसपा कार्यकर्ताओं को बंद समर्थन में शामिल होने पर भी रोक नहीं है जिसकी मर्जी है वह आंदोलन में जा सकता है लेकिन उपर से कोई निर्देश नहीं मिला है इसलिए बसपा कार्यकर्ता असमंजस है इसलिए आंदोलन से दूरी बनाये हुए हैं।
यह भी पढ़े:-एससी/एसटी एक्ट के बहाने बीजेपी ने पहली बार साधा यह निशाना, यूपी चुनाव 2017 के प्रयोग में मिली थी सफलता

यूपी में गठबंधन की सबसे बड़ी नेता होगी मायावती
बसपा लगातार कांग्रेस व सपा पर दबाव बनाने में जुटी है। पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने यहां तक कह दिया है कि एक-दो सीट के चलते वह बसपा से गठबंधन तोडऩे वाले नहीं है। यूपी में बसपा व सपा की दो मुख्य विरोधी दल है। राहुल गांधी भी बसपा को साथ लेकर चलना चाहते हैं। माना जा रहा है कि बसपा ने अभी तक अपने पत्ते नहीं खोले हैं। बसप जानती है कि यूपी में सबसे अधिक सीट लेने के लिए समय का इंतजार करना होगा। अभी की जो स्थिति है उसमे बसपा ही सबसे ताकतवर होकर उभर रही है यदि महागठबंधन में बसपा को सबसे अधिक सीट नहीं मिली तो वह अलग भी हो सकती है। महागठबंधन यदि लोकसभा चुनाव जीत जाता है तो वह नेता पीएम बन सकता है जिसके पास यूपी में सबसे अधिक सीट होगी। इन परिस्थितियों में मायावती नहीं चाहती है कि यूपी की कमी सीटों पर वह चुनाव लड़े।
यह भी पढ़े:-क्षत्रिय बाहुबली सांसद ने एससी/एसटी एक्ट व सवर्णों के आंदोलन को लेकर दिया बड़ा बयान

Ad Block is Banned