VC की गैरमौजदूगी में आंदोलित छात्रों को मनाने DM पहुंचे BHU, नहीं बनी बात

VC की गैरमौजदूगी में आंदोलित छात्रों को मनाने DM पहुंचे BHU, नहीं बनी बात
बीएचयू के आंदलित छात्रों संग वार्ता करते डीएम सुरेंद्र सिंह

Ajay Chaturvedi | Updated: 13 Dec 2018, 07:36:42 PM (IST) Varanasi, Varanasi, Uttar Pradesh, India

डीएम ने कहा, पुलिस, प्रशासन और बीएचयू के अधिकारियों संग बैठक में छात्रों की समस्या का निकालेंगे हल।

वाराणसी. पिछले 14 दिन से चीफ प्रॉक्टर प्रो रोयाना सिंह को हटाने की मांग को लेकर आंदोलित छात्रों को मनाने गुरुवार को विश्वविद्यालय पहुंचे डीएम सुरेंद्र सिंह। उन्होंने छात्रों की बात सुनने के बाद सभी समस्या का हल निकालवाने का आश्वासन भी दिया। लेकिन छात्र नहीं माने, ऐसे में डीएम को वापस लौटना पड़ा।

आंदोलित छात्रों की बात सुनने और उन्हें समझा कर परिसर का माहौल शांत कराने के उद्देश्य से डीएम सुरेंद्र सिंह गुरुवार को पहुंचे थे छात्रों के धरना स्थल पर। आंदोलित छात्रों की बातें सुनने के बाद उन्होंने कहा कि पुलिस और प्रशासनिक अफसरों तथा बीएचयू के समस्त अधिकारियों यहां तक कि वार्डेन्स के साथ एक मीटिंग हो, जिसमें छात्रों की सभी समस्या को रखते हुए ठोस हल निकाला जाए। छात्रहित में निर्णय हो, इसके लिए वह कुलपति से वार्ता कर जल्द मीटिंग की तिथि तय कराने का प्रयास करेंगे। उन्होंने भरोसा जताया कि जल्द ही कोई ठोस हल छात्रहित में निकाला जाएगा। लेकिन छात्रों ने किसी तरह के आश्वासन को मानने से इंकार कर दिया। वीसी प्रो राकेश भटनागर के शहर से बाहर होने के कारण डीएम की मुलाकात भी नहीं हो सकी।

इस बीच समाजवादी छात्र सभा के नेता आशुतोष सिंह इशु ने पत्रिका को बताया कि डीएम ने बीएचयू प्रशासन संग वार्ता कर छात्रहित में फैसला कराने का आश्वासन दिया। लेकिन हम सभी की एक राय थी कि हम लोग एक सूत्री मांग पर पिछले 14 दिन से धरना दे रहे है। वह है जायज मांगों को लेकर धरना देने वाली नर्सिंग की छात्राओं की पिटाई करने वाली चीफ प्रॉक्टर को हटाया जाए। उनके खिलाफ छात्राओं की तहरीर पर मुकदमा दर्ज है। उनकी पिटाई से एक छात्रा के कान का पर्दा फटा है। फिर उन्हें हटाया क्यों नहीं जा रहा। उन्होंने कहा कि भगवानदास सहित विधि संकाय के सभी वार्डेंन हटा दिए गए, जंतु विज्ञान विभाग के आरोपी प्रोफेसर को निलंबित कर दिया गया। उसके बाद जांच शुरू हुई। फिर चीफ प्रॉक्टर को क्यों नहीं हटाया जा रहा। आशुतोष ने कहा कि जब वीसी ने जांच समिति गठित की है तो जांच पूरी होने तक ही चीफ प्रॉक्टर को हटाया जाए ताकि कहीं से जांच प्रभावित न हो। जांच रिपोर्ट में वह बरी होती हैं तो फिर से उन्हें किसी बड़े पद पर बिठा दिया जाए। ऐसे में वीसी की अनुपस्थिति के चलते गुरुवार को डीएम की पहल भी बेनतीजा रही।

 

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