
CM Yogi Adityanath and Akhilesh Yadav
वाराणसी. फ्लाईओवर की बीम गिरने प्रकरण को लेकर अब राजनीति तेज हो गयी है। बीजेपी ने इस मामले में सपा को घेरने की तैयारी शुरू कर दी है। अखिलेश यादव की सरकार के समय ही फ्लाईओवर के विस्तारीकरण का टेंडर फाइनल किया गया था जिसके चलते सपा सरकार पर भी जांच की आंच आ सकती है। बीजेपी के बड़े नेता ने भी यह ऐलान कर दिया है कि टेंडर फाइनल करते समय गड़बड़ी मिली तो पूर्व सीएम तक जांच पहुंच सकती है।
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बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष डा.महेन्द्रनाथ पांडेय ने मीडिया के सामने कहा कि फ्लाईओवर का टेंडर सपा सरकार में फाइनल किया गया था इसलिए हादसे की जांच की आंच पूर्व सीएम अखिलेश यादव तक पहुंच सकती है। डा.पांडेय ने विपक्ष पर लाशों की राजनीति नहीं करने का आरोप लगाते हुए कहा कि यह समय सभी को मिल कर पीडि़त परिवारों की मदद करने का है। डा.पांडेय ने कहा कि पूर्व सीएम अखिलेश यादव के शासनकाल में ही फ्लाईओवर के विस्तारीकरण के लिए दिए टेंडर दिया गया था यदि टेंडर देने में गोलमाल हुआ होगा तो जांच की आंच अखिलेश यादव तक पहुंच सकती है। डा.पांडेय ने कहा कि राजघाट हादसा हुआ था तो तत्कालीन सीएम अखिलेश यादव घायलों का हाल जानने तक नहीं आये थे लेकिन फ्लाईओवर हादसे के तुरंत बाद डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्या व सीएम योगी आदित्यनाथ तक मौके पर पहुंच गये थे। कांग्रेस के बड़े नेता तक मौके पर नहीं आये हैं सिर्फ बयानबाजी कर रहे हैं।
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पूर्व सीएम अखिलेश यादव के समय दिया गया था टेंडर
मायावती सरकार के समय चौकाघाट पानी टंकी से लेकर रोडवेज तक फ्लाईओवर बनाया गया था उसी समय फ्लाईओवर की दूरी इतनी कम रखी गयी थी कि इसका लाभ नहीं हो रहा था। अखिलेश यादव की सरकार के समय इस फ्लाईओवर के विस्तारीकरण की योजना स्वीकृत करके टेंडर पास किया गया था और रोडवेज से लहरातारा तक निर्माण शुरू हुआ था। सपा सरकार के समय ही इस फ्लाईओवर का बना जाना था लेकिन ऐसा नहीं हो पाया था इसके बाद पीएम नरेन्द्र मोदी के संसदीय क्षेत्र बनारस में अधूरी योजना को पूरा करने की जिम्मेदारी सीएम योगी आदित्यनाथ सरकार ने उठायी है, जिसके चलते कार्यदायी संस्था पर दबाव बना कर रात-दिन काम कराया जा रहा था और इसी बीच हादसा हो गया है जिसके बाद से सभी दल व विभाग एक-दूसरे पर हादसे के कारण का ठीकरा फोडऩे में जुटे हुए हैं।
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फ्लाईओवर हादसे में गयी है 18 लोगों की जान
कैंट रेलवे स्टेशन के पास 15 मई की शाम को फ्लाईओवर के पिलर से सैकड़ों टन भारी दो बीम गिर गया था। बीम गिरने से उसके नीचे आधा दर्जन से अधिक वाहन दब गये थे जिसमे 18 लोगों की जान गयी थी। हादसा इतना भयानक था कि बनारस के साथ प्रदेश सरकार भी हिल गयी है। हादसे की जांच के लिए कमेटी का गठन कर दिया गया है, जिसने जांच कर अपनी रिपोर्ट सीएम योगी को सौंप चुकी है।
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Published on:
17 May 2018, 3:56 PM IST
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