किसान आंदोलन को लेकर विपक्ष पर बरसे पीएम, कहा भ्रम फैलाने का खेल खेला जा रहा है

  • देव-दीपावली मनाने वाराणसी पहुंचे पीएम नरेन्द्र मोदी ने काशी से किसानों को साधा
  • कहा आशंकाएं और भ्रम फैलाकर अप्रचार का चल निकला है ट्रेंड
  • ऐतिहासिक कृषि सुधारों में भी जानबूझकर यही खेल खेला जा रहा है
  • कांग्रेस का नाम लिये बगैर कहा भ्रम फैलाना कुछ लोगों की आदत
  • दुल्हन की तरह सजे घाट, योगी आदित्यनाथ ने पीएम का किया स्वागत

पत्रिका न्यूज नेटवर्क

वाराणसी. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी अपने महीनों बाद एक बार फिर अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी पहुंचे। यह उनका 23वां दौरा है। वह पहली बार काशी की देव दीपावली न सिर्फ देखेंगे बल्कि पहला दीपक जलाकर उसकी शुरुआत भी करेंगे। वाराणसी पहुंचे पीएम मोदी का स्वागत बाबतपुर एयरपोर्ट पर उनका स्वागत मुख्मंत्री योगी आदित्यनाथ और यूपी की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने किया। वहां से प्रधानमंत्री सबसे पहले राजातालाब के खजुरी गए। वहां उन्होंने वाराणसी से प्रयागराज के बीच 2447 करोड़ की लागत से बने राजातालाब-हंडिया 6-लेन हाइवे चौड़ीकरण का उद्घाटन किया। प्रधानमंत्री वहां से काशी के गंगा घाट गए, जहां वह गंगा की लहरों पर लग्जरी क्रूज पर सवार होकी काशी की भव्य देव दीपावली की आभा को निहारेंगे। पीएम ने खजुरी में सभा को संबोधित किया, जिसमें उन्होंने काशी से किसानों को साधने की कोशिश की।

 

उन्होंने किसान आंदोलन को लेकर विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि कृषि सुधार कानूनों पर भ्रम फैलाने का खेल चल रहा है।पीएम ने मंच से किसानों को विश्वास दिलाने की कोशिश किया कि कृषि सुधार कानून उनके फायदे के लिये हैं। उन्होंने कहा कि किसानों को छल के जरिये आशंकित किया जा रहा है। इसमें उनका कोई दोष नहीं। गंगा के तट से कह रहा हूं कि छल से नहीं बल्कि गंगा जल जैसी पवित्र नीयत से काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हमारा अन्नदाता आत्मनिर्भर भारत की अगुवाई करेगा। जिन किसानों को कुछ शंका है वो भी भविष्य में इन कृषि सुधारों का लाभ उठाकर अपनी आय बढ़ाएंगे।


पीएम ने कहा कि कृषि सुधारों ने किसानों को विकल्प और आजादी दी है कि वो सीधे खेत से ही अपनी उपज बेहतर कीमत देकर ले जाने वाले को बेच सकता है। भारत के कृषि उत्पाद दुनिया में मशहूर हैं। इन्हें ग्लाेगबल मार्केट मिलना चाहिये। पहले किसानों के साथ धोखा होता था। छोटा किसान मंडी नहीं पहुंच पाता था। आज हर किसान मंडी के बाहर हुए सौते को लेकर कानूनी कार्रवाई कर सकता है। उसे धोखे से बचने के लिये कानूनी संरक्षण मिला है।


पीएम ने किसान आंदोलन का जिक्र किये बगैर कहा कि सरकारें नीतियां और कानून कायदे बनाते हैं। इन कायदे कानूनों को समर्थन मिलता है तो कुछ सवाल भी स्वभाविक है। पहले सरकारों का फैसला पसंद न आने पर उसका विरोध होता था, लेकिन पिछले कुछ समय से देश में आशंकाएं और भ्रम फैलाकर अपप्रचार करने का ट्रेंड चल निकला है। जो कभी होगा ही नहीं उसका भ्रम फैलाया जाता है। ऐतिहासिक कृषि सुधारों में भी जानबूझकर यही खेल खेला जा रहा है। कांग्रेस का नाम लिये बगैर कहा कि जिन्होंने दशकों किसानों के साथ छल किया उनके लिये झूठ फैलाना आदत और मजबूरी बन चुका है।


कहा कि अगर हमें एमएसपी बंद करनी होती तो हम मंडियों को आधुनिक व मबूत बनाने पर इतना खर्च क्यों करते। सरकार इस पर करोड़ों रुपये खर्च कर रही है। 2014 के पहले की पांच साल की सरकार में जहां महज 650 करोड़ रकी दाल किसानों से खरीदी गई, वहीं हमारी सरकार ने 75 गुना अधिक 49000 करोड़ की दाले एमएसपी पर खरीदीं। पहले जहां 2 लाख करोड़ का धान खरीदा गया वहीं हमने ढाईगुना अधिक 5 लाख करोड़ धान की एमएसपी के रूप में किसानों तक पहुचा दिया।गेहूं की खरीद में भी डेढ़ लाख करोड़ की तुलना में हमने 3 लाख करोड़ रुपये एमएसपी के किसानों तक पहुंचाए हैं।


पीएम ने कहा कि किसान सम्मान निधि के समय भी इसी तरह का भ्रम फैलाया गया था कि ये केवल चुनावी वादा है। चुनाव बाद ब्याज समेत वसूला जाएगा। एक राज्य में तो किसानों ने भय से सम्मान निधि लेने से ही मना कर दिया। एक राज्य में तो इसे लागू ही नहीं होने दिया गया, क्योंकि उन्हें डर थाा कि ऐसा होने पर मोदी की जयकार न हो जाए। हमारी सरकार बनेगी तो हम वहां भी किसानों को पैसा देंगे।


उन्होंने कहा कि वादों को जमीन पर उतारने के इसी ट्रैक रिकाॅर्ड के बल पर किसान हित में नए कृषि सुधार कार्यक्रम लाए गए हैं। आने वाले दिनों में हम ये जरूर देखेंगे और अनुभव करेंगे कि ये सुधार किसानोें को न्याय दिलाने में कितने काम आ रहे हैं। मीडिया में इसकी सकारात्मक चर्चाएं हमें देखने पढ़ने को मिलेगी।

73 किलोमीटर के नेशनल हाइवे चौड़ीकरण का किया उद्घाटन

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने राष्ट्रीय राजमार्ग 19 पर वाराणसी के राजातालाब से प्रयागराज के हंडिया के बीच 73 किमी 6-लेन चौड़ीकरण का उद्घाटन किया। इसके बन जाने से वाराणसी से प्रयागराज का सफर आसान होगा। यह न सिर्फ काशी से संगम को जोड़ेगा बल्कि मां विंध्यवासिनी मंदिर और सीता समाहित स्थल के सीतामढ़ी मंदिर भी जाना आसान होगा। इससे वाराणसी, मिर्जापुर, भदोही और प्रयागराज चार जिले जुड़ते हैं। पहले यह 4-लेन का था जिसे 2447 करोड़ रुपये की लागत से 6-लेन किया गया है। पीएम ने योगी सरकार की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि योगी सरकार बनने के बाद उत्तर प्रदेश में इंफ्रास्ट्रक्चर निर्माण में अभूतपूर्व तेजी आयी है। आज यूपी की पहचान एक्सप्रेस प्रदेश के रूप में सशक्त हो रही है। यूपी में पांच मेगा प्रोजेक्ट पर एक साथ काम चल रहा है। पूर्वांचल, बुंदेलखंड या पश्चिमी उत्तर प्रदेश हो, रह कोने को एक्सप्रेस वे से जोड़ा जा रहा है। देश के दो बड़े और आधुनिक डिफेंस कारीडोर में से एक यूपी में बन रहा है।


चंदौली के ब्लैक राइस का किया जिक्र

प्रधानमंत्री मोदी ने पड़ोसी जिले चंदौली के ब्लैक राइस का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि ब्लैक राइस चंदौली के किसानों के घरों में समृद्घि लेकर आ रहा है। दो सल पहले काले चावल की एक वेराइटी को प्रयोग के तौर पर 400 किसानों को उगाने के लिये दिया गया था। जहां सामान्य चावल 30 से 40 रुपये किलो बिकते हैं वहीं ब्लैक राइस 300 रुपये किलो तक बिक रहा है। जांह धान का एमएसपी 1800 रुपये है वहीं काला चावल 8500 क्विंटल बिक रहा है। इस कामयाबी को देखकर इस बार सीजन में एक हजार किसान परिवार काले चावल की खेती कर रहे हैं।

Narendra Modi
रफतउद्दीन फरीद
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