
Rain
वाराणसी. इस मानसून सीजन की सबसे अधिक समय तक होने वाली बारिश ने दो दशक का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। बनारस में बीती रात से लगातार हो रही बारिश से शहर के निचले इलाके में जलभराव हो गया है। बारिश को लेकर तीन जगहों से अलग-अलग आंकड़े आये हैं। बाबतपुर मौसम विभाग के अनुसार शुक्रवार सुबह तक 130.6 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गयी है जबकि केन्द्रीय जल आयोग के अनुसार 69.8 व बीएचयू सेंटर से मिली जानकारी के अनुसार 57.8 मिलीमीटर वर्षा दर्ज हुई है। वर्षा का क्रम जारी है इसलिए अभी आंकड़ों में वृद्धि होगी।
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यूपी की बात की जाये तो इस बार मानसून का प्रदर्शन एक सामान्य नहीं रहा है। पश्चिम यूपी में कम बारिश हुई है जबकि वहां की तुलना में पूर्वी यूपी में अधिक बारिश दर्ज की गयी है। पूर्वांचल में बारिश में कुछ कमी थी जो 24 घंटे में ही पूरी होती दिख रही है। पूर्वांचल में बीती रात से लगातार बारिश हो रही है। आसमान में इतने घने बादल छाये हैं कि दिन होने के बाद भी रोशनी बहुत कम है। बारिश कभी तेज तो कभी कम हो रही है लेकिन अभी तब बारिश एक बार भी रुक नहीं है। लगातार हो रही बारिश से बनारस के कई जगहो पर जलभराव हो गया है। गौदोलिया, नई सड़क, कबीरचौरा आदि जगहो पर सड़क पर पानी भरने से आवागमन प्रभावित हुआ है। लगातार हो रही वर्षा से धान की फसल को तो फायदा होगा, लेकिन सब्जियो की पैदावार प्रभावित होने का खतरा मंडराने लगा है।
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तो फिर एक दिन में बरसा 200 मिलीमीटर पानी, इस सीजन में हुई थी इतनी बरसात
बाबतपुर मौसम विभाग की माने तो सुबह साढ़े आठ बजे तक 130.6 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गयी थी इसके बाद दोपहर तक 60 मिलीमीटर से अधिक वर्षा हो चुकी थी। दोनों आंकड़ों को जोड़ दिया जाये तो एक दिन में 200 मिलीमीटर से अधिक वर्षा दर्ज हो सकती है। 1976 में एक दिन में सबसे अधिक वर्षा 250 मिलीमीटर दर्ज की गयी थी। इस हिसाब से देखे तो बनारस में दो दशक के बाद एक दिन में इतना पानी बरसा है, यदि लगातार तेज बारिश हुई तो यह भी रिकॉर्ड सबसे अधिक बारिश होने का रिकॉर्ड टूट सकता है। 24 घंटे के पहले तक इस मानसून सीजन में कुल 719 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गयी थी यदि आज के आंकड़े को जोड़ दिया जाये तो इस सीजन में बनारस में सामान्य से अधिक बारिश हो जायेगी।
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अलग-अलग विभाग के आंकड़ों में अंतर क्यों
तीन विभाग ने वर्षा के अलग-अलग आंकड़े दिये हैं। मन में यह प्रश्र उठ सकता है कि जब वर्षा हो रही है तो अंाकड़ों में अंतर कैसे आया। इस जवाब है कि बाबातपुर में मौसम विभाग के बारिश मापने वाले यंत्र लगे हुए हैं। यहां पर शहर की तुलना में अधिक बारिश होती है। बीएचयू व केन्द्रीय जल आयोग के आंकड़े शहर में होने वाली बारिश से दर्ज होते हैं। पानी तो सभी जगह पर बरस रहा है लेकिन कमी पर हल्का तो कही पर तेज बारिश होने से आंकड़ो में परिवर्तन हो जाता है।
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जानिए क्या कहा मौसम वैज्ञानिक ने
वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक प्रो.एसएन पांडेय ने कहा कि बंगाल की खाड़ी से लगातार नमी आ रही है। आसमान में साढ़े चार किलोमीटर उपर तक पूर्वा हवा चल रही है जिसके चलते ही पूर्वांचल में इस सीजन की सबसे लंबा चलने वाला वर्षा का दौर शुरू हुआ है। मौसम की यह स्थिति अगले48 घंटे तक रहने का अनुमान है इस अवधि में कभी वर्षा बंद हो जायेगी तो कभी तेज बारिश होने लगेगी। इसके बाद हल्की बारिश का दौर शुरू होगा, तो दो से तीन अक्टूबर तक जारी रह सकता है।
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Published on:
27 Sept 2019 03:24 pm
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