प्लास्टिक निर्मित तिरंगे के बहिष्कार की बनारस की छात्राओं ने ली शपथ

प्लास्टिक निर्मित तिरंगे के बहिष्कार की बनारस की छात्राओं ने ली शपथ
प्लास्टिक के तिरंगे के बहिष्कार की शपथ लेती छात्राएं

Ajay Chaturvedi | Updated: 08 Aug 2019, 03:03:41 PM (IST) Varanasi, Varanasi, Uttar Pradesh, India

खुद के साथ आस-पास के लोगों को भी जागरूक करने का बीड़ा भी उठाया
प्लास्टिक की जगह कागज के झंडे का प्रयोग करने का लिया संकल्प
देश की आन-बान और शान तिरंगे का सम्मान रखने की सौगंध भी खाई

वाराणसी. स्वतंत्रता दिवस समारोह के दिन या उससे पहले किसी भी सूरत में प्लास्टिक निर्मित तिरंगे का इस्तेमाल न करेंगे न करने देंगे। प्लास्टिक निर्मित तिरंगा झंडा का पूरी तरह से बहिष्कार किया जाएगा। यह शपथ गुरुवार को वाराणसी की छात्राओं ने ली।

सामाजिक संस्था सुबह- ए- बनारस क्लब की पहल पर संस्था के अध्यक्ष मुकेश जायसवाल, डॉ रितु गर्ग ल श्री वल्लभ विद्यापीठ बालिका इंटर कॉलेज की प्राचार्य डा मुक्ता पांडेय ने कॉलेज परिसर में छात्राओं को यह शपथ दिलाई। इस मौके पर संस्था की ओर से छात्राओं के बीच कागज से बना तिरंगा वितरित किया गया। सभी छात्राओं से संस्था की ओर से अपील की गई कि वह न तो प्लास्टिक के बने झंडे का इस्तेमाल करेंगी और न तो प्रचार-प्रसार के माध्यम से किसी और को करने देंगी।

इस मौके पर संस्था के अध्यक्ष मुकेश जायसवाल डॉ रितु गर्ग व कॉलेज की प्राचार्य डॉ मुक्ता पांडेय ने कहा की जिस प्रकार से स्वतंत्रता दिवस एवं गणतंत्र दिवस पर बच्चे प्लास्टिक के बने झंडे का इस्तेमाल करते हैं उसी प्लास्टिक के बने झंडे का बहिष्कार करने के साथ-साथ छात्रों एवं बच्चों से कागज के बने झंडे का इस्तेमाल करते हुए इस महान पर्व को मनाने की अपील करने आए हैं। साथ ही छात्राओं के माध्यम से यह संदेश भी देने आए हैं, कि आप अगर बच्चों के हाथ में झंडा देना चाहते हैं, तो वह कागज का ही बना हो न की प्लास्टिक का।

छात्राओं से यह अपील भी की गई की सभी लोगों को इस बात पर भी गहराई से ध्यान देना होगा कि राष्ट्रीय पर्व मनाने के बाद कोई भी शख्स हमारे आन-बान-शान- तिरंगे को किसी भी ऐसे स्थान पर न फेंके, जिससे झंडे का अपमान हो। इसके लिए एक दूसरे के साथ ही पास-पड़ोस के लोगों को जागरूक भी करें।
इस मौके पर नंदकुमार टोपी वाले, अनिल केसरी, चंद्र शेखर चौधरी, डॉ मनोज यादव, नीलम सिंह सहित बड़ी संख्या में छात्राएं और अध्यापिकाएं मौजूद रहीं।

 

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