वाराणसी को स्मार्ट सिटी बनाने में बीएचयू आईआईटी करेगा सहयोग, बनाया जाएगा स्मार्ट सिटी सेल

दोनों के संस्थानों के बीच बैठक में कई बिंदुओं पर बनी सहमति।

वाराणसी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट वाराणसी को स्मार्ट सिटी बनाने में बीएचयू आईआईटी मदद करेगा। आईआईटी स्मार्ट सिटी के तहत होने वाले कामों में अपनी तकनीकी समझ और रचनात्मक सहयोग देगा, इससे स्मार्ट सिटी के गतिमान कार्यों व परियोजनाओं के संभावित पर्यावरणीय प्रभाव के मूल्यांकन में भी मदद मिलेगी। इतना ही नहीं आईआईटी बीएचयू स्मार्ट सिटी के तहत कराए जा रहे कार्यों और उसके क्वालिटी अश्योरेंस के लिए आने वाले समय में और अधिक इंटर्न मुहय्या कराएगा।

 

वीएसएसएल और आईआईटी बीएचयू ने वेब अधारित बैठक कर स्मार्ट सिटी के सम्बंध में दोनों के सहयोग का स्तर बढ़ाए जाने के लिए कई बिंदुओं पर सहमति बनायी। वाराणसी स्मार्ट सिटी के गतिमान एवं भावी परियोजनाओं के लिए संरचनात्मक डिजाइन एवं डिजाइन की समीक्षा में आईआईटी, बीएचयू से सहायता, वीएससीएल की गतिमान परियोजनाओं के संभावित पर्यावरणीय प्रभाव का मूल्यांकन किया जाना तथा परियोजना के क्रियांन्वयन में आवश्यक उपाय एवं सुझाव देना, परियेाजना के कार्यो के संदर्भ में उसकी गुणवत्ता, स्थिरता तथा वाराणसी के धरोहरो के संरक्षण एवं पारिस्थितिक तंत्र के समवर्ती परीक्षण किया जाना आदि इसमें शामिल है।

 

इसके लिए दोनों ही संस्थानों ने एक स्मार्ट सिटी सेल स्थापित करने पर सहमति जतायी। यह सेल बीएचयू आईआईटी में स्थापित होगा। बैठक के दौरान आईआईटी बीएचयू के डॉ. निखिल साबू और आईआईटी भुवनेश्वर के डॉ. अनुष ने शहर की कई समस्याओं के समाधान को लेकर प्रेजेंटेशन भी दिया। यह भी तय हुआ कि समय समय पर तकनीकी विषयों पर वेबिनार और कार्यशालाएं भी आयोजित की जाएंगी।

 

मीटिंग में वाराणसी स्मार्ट सिटी लिमिटेड के सीईओ और वाराणसी के नगर आयुक्त गौरांग राठी और बीएचयू आईआईटी के निदेशक, प्रो. पीके जैन ने हि‍स्‍सा लि‍या। मीटिंग में आईआईटी, बीएचयू के प्रोफेसरो की टीम एवं वाराणसी स्मार्ट सिटी के तकनीकी टीम ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।

रफतउद्दीन फरीद
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