उन्नाव, कठुवा रेप कांड के विरोध में महिलाएं तपती दोपहरी में उतरीं सड़क पर

उन्नाव, कठुवा रेप कांड के विरोध में महिलाएं तपती दोपहरी में उतरीं सड़क पर

Ajay Chaturvedi | Publish: Apr, 17 2018 03:33:23 PM (IST) Varanasi, Uttar Pradesh, India

महिला कांग्रेस के देश व्यापी प्रदर्शन के आह्वान पर प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र में हुआ जोरदार प्रदर्शन।

वाराणसी. यूपी के उन्नाव और कश्मीर के कठुवा रेप कांड का विरोध तेज होता जा रहा है। यूं तो इस मुद्दे पर पूरा देश उद्वेलित है। लेकिन खास तौर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में महिलाओं ने जबरदस्त मोर्चा खोल रखा है। लगातार इस मसले पर विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। विपक्ष को तो ठीक वैसे ही मुद्दा मिल गया है जैसे 2012 में दिल्ली के निर्भया कांड के बाद बीजेपी और आरएसएस ने इस मुद्दे को भुनाया था, जबकि उस प्रकरण में तत्कालीन सरकार का न कोई मंत्री शामिल था न जनप्रतिनिधि। ऐसे में भला मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस क्यों पीछे रहे। मंगलवार को महिला कांग्रेस के राष्ट्रव्यापी प्रदर्शन के तहत बनारस में भी महिला कांग्रेस की सदस्य तपती दोपहरी में सड़क पर उतरीं। मैदागिन स्थित पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न राजीव गांधी की प्रतिमा के नीचे महिला कांग्रेस कार्यकर्ताओं और नेताओं ने केंद्र व राज्य की बीजेपी सरकार को जम कर कोसा।


यूपी के उन्नाव, कश्मीर के कठुआ, बिहार के सासाराम, सूरत सहित देश भर में महिला यौन हिंसा का जो माहौल बन रहा है। ऊपर से जिस तरह से सत्तारूढ़ दल रेप आरोपियों को बचाने की कोशिश कर रहा है। उन्हें सरकारी संरक्षण दिया जा रहा है। उससे राजनीतिक दल तो दूर आम आदमी तक उद्वेलित है। हर तरफ केंद्र व राज्य सरकार के खिलाफ गुस्सा दिख रहा है। इसी कड़ी में जब मंगलवार को महिला कांग्रेस नेता, कार्यकर्ता सड़क पर उतरीं तो आम महिलाओं ने भी उनका समर्थन किया। महिला कांग्रेस नेताओं का कहना था कि 2012 के निर्भया कांड के बाद तत्कालीन सरकार ने जो सख्त कानून बनाए थे बेटियों, बहनों की आबरू की हिफ़जत के लिए उनका पालन भर कर लिया जाए तो समाज में एक बड़ा संदेश जाए, लेकिन बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ का नारा देने वाली सरकार ही जब रेप आरोपियों को संरक्षण देने पर उतारू हो जाएगी तो कानून करेगा क्या। वो तो देश की न्यायिक व्यवस्था इतनी ठोस है कि सरकार को झुकना पड़ रहा है अन्यथा सरकार तो अपने लोगों को पूरी छूट दे रखी है। ऐसे में क्या किसी बेटी को बचाएगा और क्या पढाएगा।

उन्होंने कहा कि अब तो हालात इतने बिगड़ चुके हैं कि घर से स्कूल, कॉलेज, कोचिंग जाने वाली लड़कियां जब तक घर वापस नहीं लौट आतीं तब तक अभिभावकों की जान सूखी रहती है। थोड़ा सा विलंब होने पर अभिभावक बेचैन हो जा रहे हैं। उस दौरान अगर कोई अननोन नंबर से फोन आ जाए तो फोन रिसीव करते हांथ कांपते हैं कि कहीं कोई अनहोनी की खबर न हो। महिला कांग्रेस नेताओं ने कहा कि एक तरफ प्रधानमंत्री सेल्फी विद डॉटर का स्लोगन देते हैं और जब कश्मीर और उन्नाव की घटना होती है तो उनके बोल नहीं निकलते जब कोर्ट इस मुद्दे पर अपना तल्ख निर्णय सुनाती है तो तब जा कर वह टिप्पणी करते हैं। इस तरह का भय का माहौल इससे पहले किसी पूर्ववर्ती सरकारों के कार्यकाल में नहीं रहा। इस सरकार को आधी आबादी से कोई सरोकार नहीं, इसे तत्काल अपदस्त कर देना चाहिए।


प्रदर्शन में रामनगर पालिका परिषद अध्यक्ष रेखा शर्मा, अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की सदस्य व पार्टी की मेयर प्रत्याशी शालिनी यादव, रितु पांडेय, पूनम कुंडू, शिखा मौर्या, प्रदेश कांग्रेस उपाध्यक्ष व पूर्व सांसद डॉ राजेश मिश्रा, पूर्व मंत्री अजय राय, महानगर अध्यक्ष सीताराम केसरी, जिलाध्यक्ष प्रजानाथ शर्मा, अरुण मिश्रा, साजिद अली, रमजान अली, अनीसुर्रहमान, संजय सिंह सहित दर्जनों मुस्लिम महिलाएं व पार्षद भी शामिल रहीं।

उन्नाव रेप प्रकरण के विरोध में महिला कांग्रेस का प्रदर्शनउन्नाव रेप प्रकरण के विरोध में महिला कांग्रेस का प्रदर्शनउन्नाव रेप प्रकरण के विरोध में महिला कांग्रेस का प्रदर्शनउन्नाव रेप प्रकरण के विरोध में महिला कांग्रेस का प्रदर्शन
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