प्लेटफार्म छोड़कर आगे निकलीं छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस की बोगियां

बमुश्किल चढ़-उतर सके यात्री

मंडीबामोरा. रेलवे ने लाखों रूपए खर्च कर चारों प्लेटफार्मों की लम्बाई लगभग 900 मीटर कर ली है। लेकिन ट्रेन चालकों को रूकने के नियत स्थान पर संकेतक नहीं लगाए जाने से ट्रेनों के कुछ कोच प्लेटफार्म से आगे निकलकर रूकते हैं जिससे यात्री जान जोखिम में डालकर पटरियों पर उतरने को मजबूर हो रहे है।


बुधवार शाम सवा पांच बजे छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस के जनरल व स्लीपर कोच प्लेटफार्म से आगे जाकर रूके। इससे यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। खासकर वृद्धों और महिलाओं को इतने नीचे से चढऩे उतरने में बहुत मुश्किल हुई। कई बार शिकायतों के बाद भी रेलवे द्वारा पैंसेजर-एक्सप्रेस व सुपरफास्ट ट्रेनों को रूकने के लिए रेलवे संकेतक नहीं लगाए जा सके हैं। जबकि नजदीक स्थित गंजबासोदा रेलवेस्टेशन पर रेलवे ने ट्रेनों को रूकने के लिए संकेतक लगा रखे है। संकेतक न होने के कारण मंडीबामोरा में चालक कई बार ट्रेन को स्टार्टर सिंग्नल पर पहुंचकर ही रोकते है, जिससे यात्रियों को कभी दिन में तो कभी रात में आने वाली ट्रेनों में भी पटरियों पर से सवार होना पड़ता है। इसके अलावा कई बार तो आधा प्लेटफार्म पीछे रह जाता है और यात्रियों को ट्रेन के पीछे दौड़कर अपना कोच ढूंढना पड़ रहा है। मंडीबामोरा स्टेशन पर लगभग सभी ट्रेनों के सिर्फ एक या दो मिनिट का स्टापेज है। ट्रेन आगे निकल जाने के बाद यात्रियों में भगदड़ की स्थिति बन जाती है। फिर यात्री जान का जोखिम लेकर चलती हुई ट्रेन में सवार होने की कोशिश भी करते है।


अधिकारियों को संकेतक लगाने के पत्र भेज चुके है। अगर संकेतक नहीं लगे है तो पुन: बात कर प्लेटफार्मों पर पैंसेजर, एक्सप्रेस व सुपरफास्ट ट्रेनों को रूकने के लिए संकेतक लगावाए जाएगें।
-एके साहू, स्टेशन अधीक्षक मंडीबामोरा

Show More
govind saxena
और पढ़े

MP/CG लाइव टीवी

खबरें और लेख पढ़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते हैं। हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned