कांग्रेस विधायक के खिलाफ आग में घी डाल रहा मिलन

विधायक के व्यवहार से भडक़ रही आग, लामबंद हुए नए-पुराने कांग्रेसी

By: govind saxena

Published: 24 Sep 2021, 09:45 PM IST

विदिशा. विदिशा विधानसभा में 46 बाद कांग्रेस को जीत मिली, लेकिन कांगे्रसी इस जीत को पचा नहीं पा रहे हैं। विधायक शशांक भार्गव के व्यवहार से दुखी और अपने आपको अपमानित महसूस कर रहे पुराने और नए नेताओं का एक समूह उनके खिलाफ लामबंद हो गया है। यह चिंगारी तो काफी समय से भडक़ रही थी, लेकिन अब भार्गव के कुछ बयानों ने उसे और हवा दी है। विधायक के खिलाफ लगी इस आग में अब लामबंद कांग्रेसियों के मिलन समारोहों ने घी डालने का काम किया है। इन मिलन समारोहों में जिले के पुराने बड़े नेताओं के साथ ही कई युवा और सक्रिय नेता भी शिरकत कर आहुतियां दे रहे हैं। इससे विधायक शशांक भार्गव की मुश्किलें बढ़ चली हैं। उधर, भाजपा आश्वस्त है कि जैसे जैसे चुनाव आ रहे हैं वैसे वैसे कांग्रेस विधायक का विरोध और बढ़ता जा रहा है, यानी भाजपा की राह आसान होती जा रही है।
इसकी भूमिका तो काफी पहले से चल रही थी, लेकिन गणेशोत्सव प्रारंभ होने के बाद कांग्रेस के मेल मिलाप समारोहों के माध्यम से विधायक के व्यवहार और कार्यशैली से नाराज कांग्रेसियों का एका होना शुरू हो गया। 12 सितंबर को महलघाट की धर्मशाला में भुजरिया मिलन समारोह आयोजित किया गया, जिसमें करीब 70 कांग्रेसियों ने शिरकत की। मसला यही था कि कांग्रेस मजबूत रहे, और मजबूत हो, लेकिन विधायक की कार्यशैली और व्यवहार अब नागवार है। इसके बाद मिलन समारोह की यह श्रंखला कपूर गार्डन में आयोजित हुई और स्नेह मिलन के नाम से करीब 100 लोगों का आव्हान किया। यहां वयोवृद्ध नेता ह्दयमोहन जैन, मुस्लिम समाज के सदर चौधरी सिराज अहमद, पूर्व सांसद प्रतापभानु शर्मा, पूर्व विधायक डॉ. मेहताब सिंह, पूर्व नपाध्यक्ष अशोक ताम्रकार, पूर्व जिलाध्यक्ष कमल सिलाकारी, पूर्व जनपद अध्यक्ष रंधीर सिंह ठाकुर, पूर्व नपा उपाध्यक्ष वसंत जैन, वरिष्ठ नेता रवींद्र जैन, राममोहन सिन्हा, जिला महिला कांग्रेस अध्यक्ष प्रियंका किरार, लक्ष्मण सिंह रघुवंशी, डोंगर सिंह, मनोज कपूर, आनंदप्रताप सिंह, मोहरसिंह रघुवंशी आदि मुख्य रूप से शामिल हुए। यहां सिर्फ नए-पुराने कांग्रेसियों का मिलन ही नहीं हुआ, बल्कि मन के गुबार भी खूब निकले। सबके भाषण अलग-अलग थे, लेकिन सुर एक सा था कि बहुत हुई, विधायक की यह कार्यशैली बर्दाश्त नहीं है। जिस कांग्रेस के लिए जीवन न्यौछावर कर दिया, उसमें यह अपमान सहन नहीं होता। हालांकि जिला कांग्रेस के कुछ पदाधिकारी पद की मर्यादा को देखते हुए इन मिलन समारोहों में शामिल नहीं हो रहे हैं, लेकिन ऐसे पदाधिकारियों की ही मानें तो बात तो सही है, लेकिन हमारे संग पद की मर्यादा जुड़ी है, इसलिए खुलकर नहीं आ सकते।

भार्गव के बोल और ह्दयमोहन के आरोपों ने हवा दी...
विधायक भार्गव की कार्यशैली से काफी नेता-कार्यकर्ता शुरू से दुखी हैं। लेकिन पिछले कुछ समय से कुछ कारणों ने इस विरोध को और हवा दी है। कांग्रेसियों का कहना है कि इंदिरा-राजीव उद्यान में राजीव गांधी के जन्मदिन पर हुई श्रद्धांजलि सभा में भी विधायक भार्गव ने राजीव के जिले में दौरे का एक वाक्या सुनाते हुए प्रतापभानु शर्मा पर सार्वजनिक रूप से आरोप लगाया था कि विदिशा में कांग्रेस की गुटबाजी उसी समय से शुरू हुई थी। इसके बाद वरिष्ठ कांग्रेसी ह्दयमोहन जैन ने के घर मुख्यमंत्री कमलनाथ को जाने से रोकने के लिए भी विधायक भार्गव का नाम आया। ये सब बातें भी मिलन समारोह में खूब उठ रही हैं।

यह कांग्रेस का मंच नहीं, विचारधारा का मिलन...
कांग्रेसियों के इस जमावड़े को लेकर एक वरिष्ठ कांग्रेसी कहते हैं कि यह कांग्रेस का मंच नहीं, इसलिए कोई अनुशासनहीनता का मामला नहीं बनता। हम भुजरिया मिलन तथा स्नेह मिलन के माध्यम से एक ही विचारधारा के लोग जुड़ते हैं। जब एक ही विचारधारा के लोग मिलते हैं तो हर तरह की बातें होती हैं। दुखी हैं तो दुख भी बांटेंगे ही।
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वर्जन...
वोट जनता देती है नेता नहीं। जहां तक मुझे मालूम है, वे कांग्रेस को मजबूत करने के लिए ही बैठकें कर रहे हैं। जहां तक चुनाव का सवाल है तो जो काम उन्होंने मेरे चुनाव में किया था वही काम वे अगले चुनाव में भी करेंगे। उन सबका मार्गदर्शन हमें मिलता रहेगा।
-शशांक भार्गव, विधायक विदिशा

govind saxena Bureau Incharge
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