ज्यादा वजन से होती है घुटनों में दर्द की समस्या

ज्यादा वजन से होती है घुटनों में दर्द की समस्या

Vikas Gupta | Publish: Jan, 15 2019 01:56:28 PM (IST) वेट लॉस

शरीर का अतिरिक्त वजन ढोने के दबाव और तनाव से घुटनों के जॉइंट पर असर पड़ता है और उनका घिसना या उनमें खराबी आना शुुरू हो जाता है।

जितना ज्यादा वजन होगा घुटनों पर बोझ भी उतना ही पड़ेगा और उनकी हालत उतनी ही तेजी से खराब होगी। अगर किसी ट्रक के टायरों को अधिकतम एक टन वजन उठाने के लिए डिजाइन किया गया है तो जाहिर है कि दो टन का वजन डालने पर वह खराब हो जाएंगे।

कार्टिलेज या जॉइंट की लाइनिंग की स्थिति भी इससे कुछ अलग नहीं होती है। शरीर का अतिरिक्त वजन ढोने के दबाव और तनाव से घुटनों के जॉइंट पर असर पड़ता है और उनका घिसना या उनमें खराबी आना शुुरू हो जाता है। अगर 40 वर्ष की उम्र में आप अपने अतिरिक्त वजन को घटा लें तो 60 वर्ष तक की आयु में ओस्टियोआर्थराइटिस होने की आशंका कम होगी।

आपके वजन में प्रति पोंड की कमी आपके घुटनों को करीब 4 पोंड की राहत देती है। यानी अगर आपने 5 पोंड वजन कम किया है तो इसका मतलब है कि आपके घुटनों पर से करीब 20 पोंड दबाव कम हो गया है। इस लिए अपने वजन को कम रखें।

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