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हार्लेक्विन इक्थियोसिस से ग्रसित बच्चे ने लिया जन्म, देश में सामने आया दुर्लभ बीमारी का तीसरा मामला

नवजात बच्चे के शरीर पर भारी संख्या में तरेड़ थीं, जिसे देखने में ऐसा लग रहा था कि कोख में ही उसके शरीर पर चाकू से निशान बनाए दिए गए हों।
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नई दिल्ली

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Sunil Chaurasia

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Updated: 27 Sep 2018, 11:34 AM IST

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हार्लेक्विन इक्थियोसिस से ग्रसित बच्चे ने लिया जन्म, देश में सामने आया दुर्लभ बीमारी का तीसरा मामला

नई दिल्ली। देश की राजधानी दिल्ली से एक बेहद ही अजीबो-गरीब मामला सामने आया है। यहां के दरियागंज के एक सरकारी अस्पताल में एक महिला ने विचित्र बच्चे को जन्म दिया, जिसकी कुछ ही घंटों बाद मौत हो गई। बच्चे का जन्म दरियागंज स्थित कस्तूरबा अस्पताल में हुआ था। बच्चा पूरी तरह से सामान्य नवजात बच्चों से अलग था। महिला की कोख से जन्मे इस बच्चे की आंखें सामान्य से काफी बड़ी थीं, इसके साथ ही आंखों को रंग एकदम चटख लाल था। इसके अलावा बच्चे का शरीर सफेद रंग का था।

नवजात बच्चे के शरीर पर भारी संख्या में तरेड़ थीं, जिसे देखने में ऐसा लग रहा था कि कोख में ही उसके शरीर पर चाकू से निशान बनाए दिए गए हों। इसके अलावा बच्चे के ज़रूरी अंग जैसे नाक, कान और निजी अंग भी नहीं थे। दुनिया में आए इस विचित्र बच्चे का चेहरा और मुंह बिल्कुल असाधारण थे, जिनका आकार काफी बड़ा था। इसके अलावा उसके हाथ-पैर में टेढ़े थे। बच्चे के जन्म लेने के बाद ही अस्पताल में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। डॉक्टर और नर्स इस अजीबो-गरीब बच्चे को देखने के बाद दंग रह गए। वहीं बच्चे की ऐसी हालत देखकर उसके परिजनों का बुरा हाल हो गया था।

डॉक्टरों ने बताया कि बच्चा हार्लेक्विन इक्थियोसिस नामक बीमारी से ग्रस्त पैदा हुआ था। ये एक दुर्लभ बीमारी है जो 30 लाख बच्चों में से एक बच्चे को ही होती है। विशेषज्ञों ने बताया कि शरीर में प्रोटीन और म्यूकस मेंबरेन की गैर-मौजूदगी की वजह से बच्चे की ऐसी हालत हो जाती है। ऐसे में जन्म लेने वाले बच्चे की त्वचा एकदम सख्त और मोटी हो जाती है। इसके साथ ही त्वचा का रंग सफेद हो जाता है। एक हिंदी वेबसाइट के मुताबिक ये भारत में ऐसा तीसरा मामला है। दिल्ली से पहले ऐसे बच्चे बिहार के भागलपुर और महाराष्ट्र के नागपुर में जन्म ले चुके हैं। भारत के अलावा पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान नें ऐसे चार केस देखे जा चुके हैं।