कितना सुरक्षित है हमारा आधार ?

कितना सुरक्षित है हमारा आधार ?

Sunil Sharma | Publish: Jan, 14 2018 03:18:09 PM (IST) वर्क एंड लाईफ

सावधानी रखने से रुक सकती है डेटा में सेंधमारी

- डॉ. शिल्पा जैन सुराणा

आधार कार्ड की सुरक्षा को लेकर काफी चर्चा छिड़ी हुई है। सरकार ने हाल ही में इसकी सुरक्षा के लिए नए मानक तय किये है साथ ही सरकार ने जिस तरह तक़रीबन हर सेवा के लिए आधार को जरूरी बना दिया है, उससे यह चिंता भी बढ़ी है कि इन आंकड़ों का दुरूपयोग ना हो। ड्राइविंग लाइसेंस से लेकर पैन कार्ड और राशन कार्ड से लेकर बैंक एकाउंट तक, हर जगह आधार को जरूरी बना दिया गया है। अब आधार कार्ड सिर्फ पहचान या पते का प्रमाण नहीं, बल्कि एक यूनिक डॉक्यूमेंट बन गया है क्योंकि इसमें आपकी बायो मैट्रिक जानकारी दर्ज होती है। इसमें आपका फिंगर प्रिंट,आंख की डीटेल और आपकी फोटो समेत अन्य जानकारी होने की वजह से इसकी सुरक्षा बहुत महत्वपूर्ण हो जाती है.

बायो मैट्रिक डेटा क्यों हैं महत्वपूर्ण?
बायो मैट्रिक डेटा अब आधार के वेरिफिकेशन के लिए यूज किया जाता है। मसलन अगर आप नया सिम कार्ड लेने के लिए कहीं जाते हैं तो वह अब आपसे पहले की तरह पते और पहचान के प्रमाण पात्र की कॉपी नहीं मांगता। आधार नंबर बताने के बाद वहां एक स्कैनर पर आपको अंगुलियों के निशान देने पड़ते हैं और आपकी पहचान सत्यापित हो जाती है। बायो मैट्रिक डेटा से पहचान सुनिश्चित करना आसान और तेज हो गया है।

यह डेटा हर व्यक्ति के मामले में अलग होता है और गलत हाथ में जाने से काफी नुकसान हो सकता है। इस वजह से इन आंकड़ों को सुरक्षित रखना बहुत महत्वपूर्ण हो जाता है। इन आंकड़ों का दुरूपयोग रोकने के लिए यूआईडीएआई (यूनिक आइडेंटीफिकेशन अथॉरिटी ऑफ़ इंडिया) ने हालांकि कई बार लोगों को यह भरोसा दिया है कि उनके बायो मैट्रिक डेटा सुरक्षित हैं और उन तक किसी भी सायबर अटैक की पहुंच नहीं है। यह सभी लोगों के लिए बहुत अच्छी खबर है, लेकिन यह हमारी भी जिम्मेदारी है कि हम इन आंकड़ों को सुरक्षित रखने के लिए अपनी तरफ से भी पहल करें। आपके आंकड़ों को सुरक्षित रखने के लिए यूआईडीएआई ने लोगों को यह सुविधा दी है कि वे अपने आंकड़ों को लॉक कर सकें।

आधार कार्ड के आंकड़ों को कैसे बनायें सुरक्षित:
आधार कार्ड के बायो मैट्रिक आंकड़ों को लॉक करना बहुत आसान है और इसे मिनटों में किया जा सकता है।

@यूआईडीएआई के होम पेज पर जायें या https://resident.uidai.gov.in/biometric-lock पर विजिट करें।
@आधार कार्ड सर्विसेज टैब पर क्लिक करें और वहां लॉक/अनलॉक विकल्प चुनें।
@12 अंकों का आधार नंबर डालें
@स्क्रीन पर दिख रहे सिक्योरिटी कोड या कैप्चा एंटर करें
@आपको अपने रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर एक एसएमएस के जरिये वन टाइम पासवर्ड मिलेगा।
@इस पासवर्ड और सिक्योरिटी कोड या अपना पासवर्ड एंटर करें।
@इनेबल बायो मैट्रिक लॉकिंग पर चेक करें और इनेबल पर क्लिक करें।
@इसके बाद आपके आधार का बायो मैट्रिक लॉक हो गया है।

जब आपको जरूरत हो आप अपने इन डेटा को अनलॉक कर सकते हैं। यहां ध्यान रखें कि यह सिर्फ ऑनलाइन ही हो सकता है। यह ध्यान रखें कि आधार में दिया गया आपका मोबाइल नंबर आपके पास हो। अगर रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर आपके पास नहीं हो तब आपको एक फॉर्म भरकर नया नंबर रजिस्टर कराने के लिए आधार एनरोलमेंट सेंटर पर देना पड़ेगा।

जब आप आधार के आंकड़े को लॉक कर रहे हों तो ध्यान रखें:

@एक बार आधार कार्ड लॉक हो जाने के बाद कोई भी बायो मैट्रिक ऑथेंटीफिकेशन आपके मोबाइल पर आने वाले वन टाइम पासवर्ड से ही संभव है।
@आप बायो मैट्रिक को प्राथमिक ऑथेंटीफिकेशन की तरह इस्तेमाल नहीं कर पाएंगे, इसके लिए आपको दूसरा कोई पहचान पत्र देना पड़ेगा।
@अगर आपका आधार कार्ड डिसेबल हो गया है तो बैंक आपने बायो मैट्रिक डेटा का यूज नहीं कर पाएंगे, जिससे आपका बैंक से लेन-देन प्रभावित हो सकता है।

पहले भी पासवर्ड और दूसरी व्यक्तिगत जानकारी चोरी होने के बहुत से मामले सामने आये हैं, या वेबसाइट ही हैक हो गयी है। इस तरह के किसी भी खतरे से निबटने और व्यक्तिगत जानकारी की सुरक्षा के लिए आप आधार के आंकड़ों को लॉक कर सकते हैं। इससे किसी अवांछित तत्व की आपके आंकड़ों तक पहुंच रोकी जा सकती है।

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