हिंदुस्तानियों के लिए आई बुरी खबर, अमरीका ने सख्त किए वीज़ा नियम, ग्रीन कार्ड हुआ 5.4 करोड़ तक महंगा

हिंदुस्तानियों के लिए आई बुरी खबर, अमरीका ने सख्त किए वीज़ा नियम, ग्रीन कार्ड हुआ 5.4 करोड़ तक महंगा

अमरीका में पहले ईबी-5 वीजा के नियमों के तहत निवेश की सीमा करीब 6.8 करोड़ रुपए थी मगर अब ये सीमा बढ़कर 12.2 करोड़ हो गई है।

 

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सुपर पॉवर अमरीका देश की कमान संभालने के साथ ही हिंदुस्तानियों समेत अन्य देशों के लिए सख्त हो रही नीतियों के संकेत मिलने लग गए हैं।  ग्रीन कार्ड के जरिए जाकर बसने का सपना देख रहे भारतीय लोगों के लिए बुरी खबर है। 



अमरीका में ईबी-5 यानी निवेश से जुड़े वीजा के जरिए जाना भारतीयों को 5.4 करोड़ रुपए तक महंगा पड़ेगा। पहले ईबी-5 वीजा के नियमों के तहत निवेश की सीमा करीब 6.8 करोड़ रुपए थी मगर अब ये सीमा बढ़कर 12.2 करोड़ हो गई है।



अब कम से कम निवेश 9.2 करोड़ रूपए 

इस समय निवेशकों को कम रोजगार वाले रुरल एरिया में 3.8 करोड़ रुपए के करीब निवेश करना पड़ता है। मगर इस निवेश की सीमा को भी अब बढ़ा दिया गया है। अब कम से कम 9.2 करोड़ का निवेश करना अनिवार्य होगा। अमरीका के होमलैंड सुरक्षा विभाग ने 17 जनवरी को ये सभी संशोधन प्रस्तावित किए हैं, जिन पर 90 दिनों के भीतर लोगों से सुझाव मांगे गए हैं। 


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प्रावधान: ईबी-5 वीजा के लिए निवेश के बाद वह व्यक्ति उसकी पत्नी और 21 साल से कम उम्र बच्चे घर में रह सकते हैं। 



ऐसे मिलता है ईबी-5 वीजा

ईबी-5 को कैश वीजा भी कहा जाता है। अगर कोई भी गैरअमरीकी व्यक्ति अमरीका में एक स्थायी घर चाहता है तो उसके लिए निवेश करना होगा। इस निवेश से कम से कम 10 अमरीकी लोगोंं को फुल टाइम नौकरी मिलनी चाहिए। 


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दो तरीके से कर सकते हैं निवेश

ईबी-5 के जरिए निवेशक दो तरह से निवेश कर सकता है। एक तरीका है कि वो निवेशक सीधे अपना बिजनेस शुरू करे। दूसरा तरीका है कि निवेशक कुछ रीजनल सेंटर्स के जरिए निवेश करवाए। उसके लिए उसके कुछ स्पांसर ढूंढने होंगे। ईबी-5 के जरिए निवेश करने की सीमा 31 दिसंबर को खत्म हो गई थी, जिसे बढ़ाकर 28 अप्रैल 2017 किया है। 



2015 में 111 को मिला वीजा

2015 में 111 भारतीय निवेशकों को वीजा मिले थे। इसमें से करीब 102 निवेशकों ने रीजनल सेंटर के जरिए ही निवेश करके वीजा प्राप्त किया था। चीन निवेश के जरिए वीजा प्राप्त करने में नंबर 1 देश रहा। 2015 में चीन को करीब 8156 वीजा दिए गए। 2015 में कुल 9764 वीजा जारी किए गए।

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