पहले जानते हैं जीवन परिचय। Shivdayal Singh का जन्म 24 अगस्त, 1818 को Janmashtami के दिन हुआ था। उन्हें हिन्दी, अरबी, फारसी, संस्कृत, उर्दू का ज्ञान था। Banda में नौकरी की, लेकिन उनका मन तो अध्यात्म की ओर था। नौकरी छोड़कर साधना में लग गए। 1861 में Basant panchami के दिन Radha Soami की स्थापना की। कहा जाता है कि उन्होंने पांच वर्ष की आयु में ही Surat Shabd Yog की साधना कर ली थी। इसके बाद वे स्वामी जी महाराज के नाम से प्रसिद्ध हुए। दुनियाभर में उन्हीं के शिष्य राधास्वामी मत को चला रहे हैं। स्वामी जी महाराज का निधन 15 जून, 1878 को हुआ। इनकी समाधि Soami Bagh (आगरा) में बनाई गई है। यह एक भव्य भवन है।