
राजकोट. आज दौर में लोगों में सहनशक्ति इतनी कम होते जा रही है कि सामान्य सी बातों मेंं भी लोग आत्मघाती कदम उठा लेते हैं। कुछ इसी प्रकार का मामला राजकोट में सामने आया है, जहां १० रुपए नहीं देने पर पत्नी ने आत्मदाह कर लिया।
शहर के कालावाड़ रोड पर नए १५० फीट रिंग रोड पर ग्रांड पैलेस बिल्डिंग निवासी सीमाबेन राजेश लुहार (२२) ने शुक्रवार सुबह केरोसिन छिड़ककर आग लगा ली। झुलसी हालत में सीमाबेन को सिविल अस्पताल में पहुंचाया, लेकिन उपचार से पूर्व ही उनकी मौत हो गई।
तहसील पुलिस के अनुसार मूलरूप से ओडिशा निवासी एवं फिलहाल पति के साथ राजकोट में रहती सीमाबेन का विवाह चार वर्ष पूर्व हुआ था। संतानों में एक पुत्र व एक पुत्री है। शुक्रवार सुबह सीमा ने पति से १० रुपए मांगे थे, लेकिन राजेश के पास रुपए नहीं होने के कारण उन्होंने रुपए देने से इनकार कर दिया। बाद में राजेश काम पर चले गए थे। इस बीच सीमा ने राजेश को फोन किया किया और कहा कि 'तुम दोनों बच्चों का पालन करना, मैं मेरे रास्ते पर जा रही हूंÓ इस प्रकार कहकर सीमा ने दोनों बच्चों को कमरे से बाहर निकाला और अंदर से बंद कर आत्मदाह कर लिया।
पत्रिका अलर्ट : जब गुस्सा या अवसाद बेकाबू हो जाए तो क्या क रें
मनोविज्ञान व मनोचिकित्सकों के मुताबिक, आमतौर पर हत्या, मारपीट या आत्महत्या जैसा कृत्य आवेश में आने के कुछ मिनटों के भीतर ही होता है। एक पल ऐसा आता है जिसमें व्यक्ति यह कदम उठा लेता है और घटना हो जाने के बाद या गुस्सा कम होते ही वह पछताने लगता है। जब भी ऐसे मौके आए कि व्यक्ति गुस्से से बेकाबू हो जाए या कोई बात सहनशक्ति के बाहर हो जाए तो उस व्यक्ति या उसके आसपास हाजिर किसी व्यक्ति को तत्काल मुद्दा डायवर्ट करने यानी बात घूमाने की कोशिश करना चाहिए। जिससे उसका ध्यान भटक जाए और गुस्से व काल का वह क्षण टल जाए। ऐसे में दूसरा व्यक्ति माफी भी मांग सकता है या उसे वहां से अन्यत्र ले जा सकता है। इसके अलावा गुस्से व अवसाद से भरे व्यक्ति को ऐसे समय लंबी सांसें लेना चाहिए और खूब पानी पीना चाहिए।
Published on:
11 May 2018 10:12 pm
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