scriptRam Name in Gujarat Budget 2024 | बजट भाषण में भी छाए राम: गुजरात सरकार के लिए सुशासन यानी राम राज्य: वित्त मंत्री | Patrika News

बजट भाषण में भी छाए राम: गुजरात सरकार के लिए सुशासन यानी राम राज्य: वित्त मंत्री

locationअहमदाबादPublished: Feb 02, 2024 09:33:18 pm

गुजरात के वित्तीय वर्ष 2024-25 के बजट भाषण में भी भगवान राम छाए रहे। वित्त मंत्री कनू देसाई ने अपने बजट भाषण में कहा कि मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम करोड़ों भारतीयों के आराध्य देव एवं सांस्कृतिक एकता के प्रतीक हैं। हमारी सरकार (गुजरात सरकार) के लिए सुशासन यानी रामराज्य है।

बजट भाषण में भी छाए राम: गुजरात सरकार के लिए सुशासन यानी राम राज्य: वित्त मंत्री
बजट भाषण में भी छाए राम: गुजरात सरकार के लिए सुशासन यानी राम राज्य: वित्त मंत्री

गुजरात के वित्तीय वर्ष 2024-25 के बजट भाषण में भी भगवान राम छाए रहे। वित्त मंत्री कनू देसाई ने अपने बजट भाषण में कहा कि मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम करोड़ों भारतीयों के आराध्य देव एवं सांस्कृतिक एकता के प्रतीक हैं। हमारी सरकार (गुजरात सरकार) के लिए सुशासन यानी रामराज्य है।

वित्त मंत्री ने कहा कि राम राज्य की परिकल्पना को साकार करने के लिए हम (सरकार) प्रतिबद्ध हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी मिनिमम गवर्मेंट, मैक्सिमम गवर्नेंस का सूत्र दिया है। स्व से ऊपर उठकर समस्ति के कल्याण की भावना से सरकार कार्यरत है। इससे पहले उन्होंने भाषण में चौपाई.......नहिं दरिद्र कोऊ, दुखी न दीना, नहिं कोउ अबुध, न लच्छन हीना।। ...का उल्लेख किया।

गुजरात के हर जिले में बनेगी आईपी लैब, इनोवेशन सेंटर
गुजरात सरकार ने बौद्धिक संपदा अधिकारों को बढ़ावा देने, उन्हें संरक्षित करने और उनका व्यवसायीकरण करने के लिए राज्य के हर जिले में आईपी लैब और इनोवेशन सेंटर की स्थापना करने की घोषणा की है। वर्ष 2024-25 के बजट में इसके लिए 3 करोड़ का प्रावधान किया है। सरकार ने विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के लिए 2421 करोड़ का प्रावधान किया है।
इसके अलावा राज्य से गांव तक फाइबर ग्रिड को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए बाकी रहे 4860 गांवों तक बाइबर ग्रिड के तहत केबल इन्फ्रास्ट्रक्चर सुनिश्चित किया जाएगा। इस पर 45 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), मशीन लर्निंग (एमएल), इंटरनेट ऑफ थिंग्स (आईओटी) और क्लाउड जैसे क्षेत्रों में कंप्यूटिंग के बुनियादी ढांचे के लिए डीप टेक परियोजना बनाई है, जिसके लिए 25 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है।
प्रदेश में विश्व स्तरीय आई.टी. बुनियादी ढांचे की स्थापना के लिए विभिन्न नीतियों को प्रभावी ढंग से लागू किया जाएगा। इन्क्यूबेटरों, स्टार्ट-अप और निजी संस्थाओं को प्रोत्साहित करके राज्य में आई.टी. सेक्टर को और बढ़ावा मिलेगा.आईटी/आईटीईएस स्टार्टअप नीति के माध्यम से अनुसंधान एवं विकास को बढ़ावा दिया जाएगा। विज्ञान केंद्रित प्रदर्शन को बढ़ाने और लोगों में विज्ञान की अभिरुचि विकसित करने के लिए विज्ञान केंद्रों का दायरा बढ़ाने और जिला स्तर पर ऐसे केंद्र स्थापित करने का निर्णय लिया गया है। चालू वर्ष में रिकॉर्ड 17 लाख लोगों ने साइंस सिटी का दौरा किया है, जो इस दिशा में किए गए प्रयासों की सफलता को दर्शाता है।

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