
governor kalraj mishra
अजमेर. महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय (mdsu ajmer) में कुलपति (vice chancellor) के बगैर हालात बिगड़ रहे हैं। बीते दस महीने में शोध प्रवेश परीक्षा, दीक्षांत समारोह, अन्तर कॉलेज सांस्कृतिक कार्यक्रम सहित रूसा के बजट और अन्य कार्य ठप हैं। कैंपस कोर्स में दाखिले, वार्षिक परीक्षाओं में विलंब हुआ। लेकिन सरकार (state govt), राजभवन (Raj Bhawan) और हाईकोर्ट (rajasthan high court) को कतई परवाह नहीं है।
विश्वविद्यालय में कुलपति प्रो. आर. पी. सिंह (r.p.singh) के कामकाज पर 11 अक्टूबर से राजस्थान हाईकोर्ट (rajasthan high court) ने कामकाज करने पर रोक लगाई थी। यह अब तक कायम है। हाईकोर्ट ने 2 अगस्त को हुई सुनवाई में फैसला सुरक्षित रखा था। तबसे एक महीने बीत चुका है। राजभवन ने फरवरी में डीन कमेटी (dean committee) गठित की थी, लेकिन वह भी अब सक्रिय नहीं है।
राज्यपाल मिश्र पर दारोमदार
अधिकृत सूत्रों ने बताया कि विश्वविद्यालय में कुलपति की गैर मौजूदगी से हालात बिगड़ चुके हैं। हजारों विद्यार्थियों-शोधार्थियों (students and scholors) की निगाहें कुलपति (vice chancellor) पर टिकी हैं। प्रशासनिक और शैक्षिक दिक्कतों की सूचना नए राज्यपाल कलराज मिश्र (Kalraj Mishra) तक पहुंच चुकी हैं। लिहाजा राजभवन जल्द बड़ा फैसला लेने की तैयारी जुटा है। इसको लेकर विभिन्न स्तर पर बातचीत हो रही है।
दस महीने में हुआ ये नुकसान (losses)
-सत्र 2018-19 में नवां दीक्षांत समारोह नहीं होने से अटके 34 पदक और हजारों डिग्रियां
-पिछले साल नहीं हो सका अन्तर कॉलेज सांस्कृतिक कार्यक्रम
-250 से ज्यादा सरकारी-निजी कॉलेज को सम्बद्धता जारी करने में विलंब
-राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान का 11.19 करोड़ रुपए का बजट लैप्स
-यूजीसी से स्वीकृत ऋषि दयानंद देयर दस महीने से ताले में बंद
-10 साल में पहली बार वार्षिक परीक्षा शुरू हुई 28 फरवरी से
-छह महीने से नहीं है विश्वविद्यालय में स्थाई कुलसचिव
-अटकी हुई है 20 नए शिक्षकों की भर्ती
-निलंबित प्रो.सतीश अग्रवाल के मामले की आंतरिक जांच
Updated on:
9 Sep 2019, 8:28 AM IST
Published on:
9 Sep 2019, 8:28 AM IST
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