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’78’ के कलराज मिश्र ’87’ के कल्याण सिंह की लेंगे जगह, जाने नए गवर्नर से जुडी 10 बड़ी बातें

हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल कलराज मिश्र ( Kalraj Mishra ) को हिमाचल प्रदेश से स्थानांतरित कर राजस्थान का राज्यपाल ( Governor ) बनाया गया है। कल्याण सिंह ( Kalyan Singh ) का कार्यकाल 3 सितंबर को पूरा हो रहा है।
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जयपुर

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Nakul Devarshi

•

Updated: 1 Sep 2019, 3:28 PM IST

Kalraj Mishra, New Governor Of Rajasthan, Interesting Facts

जयपुर।

हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल कलराज मिश्र अब राजस्थान के राज्यपाल होंगें। मिश्र मौजूदा राज्यपाल कल्याण सिंह की जगह लेंगें। दरअसल, कल्याण सिंह का कार्यकाल 3 सितंबर को पूरा हो रहा है। इससे पहले केन्द्र सरकार ने रविवार को राजस्थान समेत देश के 5 राज्यों में राज्यपाल की नियुक्ति के आदेश जारी कर दिए। हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल कलराज मिश्र को हिमाचल प्रदेश से स्थानांतरित कर राजस्थान का राज्यपाल बनाया गया है।


इसके साथ ही केन्द्र ने पांच अन्य राज्यों के राज्यपालों की नियुक्ति कर दी है। उत्तराखंड से भाजपा नेता भगत सिंह कोश्यारी को महाराष्ट्र का राज्यपाल बनाया गया है। आरिफ मोहम्मद खान को केरल, बंडारू दत्तात्रेय को हिमाचल प्रदेश और टी सुंदर राजन को तेलंगाना का राज्यपाल नियुक्त किया गया है।

उम्र की बात की जाए तो कलराज मिश्र 78 की आयु में राजस्थान के राज्यपाल का पद ग्रहण करेंगे। जबकि निवर्तमान हो रहे मौजूदा राज्यपाल की आयु 87 वर्ष की है। मिश्र का जन्म वर्ष 1941 का है जबकि कल्याण सिंह का जन्म वर्ष 1932 का है। दोनों में 9 वर्ष का अंतर है।

गहलोत एवं वसुंधरा की मिश्र को बधाई

हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल कलराज मिश्र को राजस्थान के राज्यपाल बनाये जाने पर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने बधाई दी है। गहलोत ने ट्वीट कर मिश्र को बधाई दी। उन्होंने कहा कि मिश्र को राजस्थान का राज्यपाल नियुक्त किये जाने पर उन्हें मेरी शुभकामनाएं।


इसी तरह भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की उपाध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने मिश्र को राजस्थान के राज्यपाल नियुक्त किए जाने पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी। उन्होंने अपने ट्वीट में बधाई देते हुए कहा ''मुझे विश्वास है कि आपके मार्गदर्शन में राजस्थान सफलता के नए आयाम स्थापित करेगा।''


कलराज मिश्र के बारे में 10 महत्वपूर्ण जानकारियां

- 1955 में जब वे युवावस्था में थे तभी उन्होंने सवयंसेवक के तौर पर आरएएस ज्वाइन की थी। संघ से लगातार जुड़े रहने का ही परिणाम था कि उन्हें 1963 में पूर्णकालिक प्रचारक बना दिया गया।

- मिश्रा को भारतीय जनता युवा मोर्चा के पहले निर्वाचित राष्ट्रीय अध्यक्ष का गौरव प्राप्त है। बाद में वे उत्तर प्रदेश भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष भी बने।

- उन्होंने तीन बार राज्य सभा सदस्य के तौर पर कार्यकाल पूरे किये। 1978, 2001 और 2006 में वे सांसद चुने गए।

- राजनीति में आने के बाद से उन्होंने राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर कई महत्वपूर्ण ज़िम्मेदारियाँ संभाली। मार्च 1997 से अगस्त 2000 के बीच वे उत्तर प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री बनाये गए। उन्हें लोक निर्माण, चिकित्सा शिक्षा और पर्यटन महकमों की ज़िम्मेदारी सौंपी गई।

- उन्होंने राज्य हाईवे की सडकों को गड्ढा मुक्त बनाने के लिए अभियान चलवाया।

- उत्तराखंड राज्य के गठन के दौरान कलराज मिश्र की अहम् भूमिका रही।

- मिश्रा ने पहला विधानसभा चुनाव साल 2012 में बीजेपी की टिकट पर लखनऊ पूर्व सीट से लड़ा और जीत गए। इस कार्यकाल के दौरान उन्होंने विकास की कई योजनाओं को धरातल पर पूरा करवाया।

- 2014 में मिश्रा देवरिया सीट से सांसद चुने गए। इसके बाद उन्हें मोदी सरकार की कैबिनेट में शामिल कर लिया गया। उन्हें सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय सौंपा गया। यहां उन्होंने 26 मई 2014 से 2 सितम्बर 2017 तक सेवाएं दीं।

- 75 साल से अधिक आयु के कई वरिष्‍ठ नेता सक्रिय राजनीति से रिटायर हो गए थे। यही माना जा रहा था कि इसी आधार पर 2017 में कलराज मिश्र ने मंत्री पद से इस्‍तीफा दे दिया था।

- 15 जुलाई 2019 को वे हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल नियुक्त किये गए। उन्होंने आचार्य देवव्रत की जगह ली, जिन्हें गुजरात का राज्यपाल बनाया गया था।

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