4 सितंबर 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

मंत्री को दिखाने के लिए मंगवाए सोलर पैनल

न प्रोजेक्ट मंजूर न कम्पनी को हुआ भुगतान एसटीपी में न जमीन समतल,न स्ट्रक्चर हुआ तैयार स्मार्ट सिटी के तहत लगाया जाना है 350 किलोवाट का प्लांट 2.8 करोड़ होने हैं खर्च
2 min read
Google source verification
मंत्री को दिखाने के लिए मंगवाए सोलर पैनल

nagar nigam

भूपेन्द्र सिंह

अजमेर. आनासागर झील के किनारे बनाया गया 13.5 एमडीए सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट stp (एसटीपी) को स्मार्ट सिटी smart city के तहत सोलर एनर्जी Solar energy से संचालित किए जाने का अब तक प्रोजेक्ट ही मंजूर नहीं हुआ है, वहीं यूडीएच मंत्री udh ministerके सामने वाहवाही लूटने के लिए स्मार्ट सिटी के अभियंताओं ने पहले ही लाखों रुपए के पैनल Solar panel मंगवाकर एसटीपी में रखवा लिए हैं। वहीं पिछले माह स्मार्ट सिटी की समीक्षा बैठक लेने आए यूडीएच मंत्री शांति धारीवाल को एसटीपी का निरीक्षण करवाने के लिए एक एक्सईएन की ड्यूटी भी एसटीपी में लगा दी गई। हालांकि के एसटीपी नहीं गए बांडी नदी के पास से निरीक्षण कर लौट गए। एसटीपी की जमीन भी समतल नहीं है। जगह-जगह गड्ढे व मिट्टी के ढेर लगे हुए हैं। सोलर पैनल स्थापित करने के लिए अब तक स्ट्रक्चर भी तैयार नहीं है। अब तक कम्पनी को सोलर पैनल के पेटे भुगतान भी नहीं किया गया है। जबकि अब तक कम्पनी को 40 प्रतिशत राशि एडवांस में भुगतान की जानी थी।

नगर निगम लगावा रहा प्लांट

सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट की अंदर खाली पड़ी भूमि पर 350 किलोवाट का सोलर प्लांट लगाया जाना है। नगर निगम यह प्लांट स्मार्ट सिटी के जरिए लगवा रहा है। प्लांट की स्थापना पर 2.8 करोड़ रुपए खर्च होंगे। रील कम्पनी (राज्य सरकार का उपक्रम) से निगम ने इसके लिए करार किया है। इस सोलर प्लांट के जरिए उत्पादित बिजली से प्लांट की मशीनरी का संचालन होगा। एसटीपी की रिक्त भूमि पर 9 फुट की उचाई पर स्टील स्ट्रक्चर पर प्लांट स्थापित किया जाएगा जिससे पार्किग की जगह भी उपलब्ध होगी। राज्य का यह पहला प्लांट है जो सोलर एनर्जी से संचालित होगा।
7 लाख रुपए का आता है बिल

प्लांट के संचालन पर के लिए कर्मचारी मद के अलावा केवल बिजली के खर्च पर ही हर महीने 7 लाख रुपए खर्च किए जा रहे हैं। यहां 450 किलोवाट का बिजली कनेक्शन लिया गया गया। अब तक बिजली बिल की यह राशि एडीए भर रहा था लेकिन अब बिल नगर निगम को भरना पड़ रहा है। इसलिए नगर निगम ने अब बिजली बिल का विकल्प तलाश है।

इनका कहना है

प्लांट लगाने में कई इश्यू हैं। अभी प्रोजेक्ट मंजूर नहीं है, इसकी एएंडएफ जारी नहीं की गई।

-विश्व मोहन शर्मा, सीईओ, स्मार्ट सिटी अजमेर

read more:एडीए होगा पेपरलेस,समयबद्ध होगा काम