
low admission in courses
अजमेर.
प्रदेश के अधिकांश कॉलेज में उद्यमिता एवं कौशल विकास पाठ्यक्रम में प्रवेश नहीं बढ़ रहे हैं। प्रयासों के बावजूद विद्यार्थियों की खास रुचि नहीं दिख रही। पर्याप्त दाखिले नहीं होने पर उच्च शिक्षा विभाग सभी कॉलेज से जवाब मांग सकता है। चौतरफा प्रतिस्पर्धा के माहौल में उद्यमिता और कौशल विकास पाठ्यक्रमों की मांग बढ़ रही है।
सरकार ने बीते वर्ष सरकारी कॉलेज में उद्यमिता और कौशल विकास पाठ्यक्रम प्रारंभ किए। प्करीब 90 कॉलेज ने सुविधानुसार कोर्स शुरू कर प्रवेश भी दिए। इस बार भी विद्यार्थियों से आवेदन मांगे गए। लेकिन अधिकांश कॉलेज में पर्याप्त दाखिले नहीं हुए हैं।
कम है विद्यार्थियों का रुझान
विद्यार्थियों का कौशल विकास पाठ्यक्रमों में रुझान कम है। पिछले साल भी इन कोर्स की तरफ कदम नहीं बढ़ाए थे। इसको लेकर उच्च शिक्षा विभाग और कॉलेज शिक्षा निदेशालय गम्भीर हैं। सरकार जल्द प्रवेशित विद्यार्थियों की सूचना मांग सकती है।
यह हैं कोर्स
कोर्स एडवांस सर्टिफिकेट इन इन्फॉरमेशन सिक्योरिटी, सर्टिफिकेट इन आईटी, सर्टिफिकेट इन फूड एन्ड न्यूट्रिशियन, सर्टिफिकेट इन टूरिज्म स्टडीज, सर्टिफिकेट इन फूड सेफ्टी, सर्टिफिकेट इन ऑर्गेनिक फार्मिंग, डिप्लोमा इन बिजनेस प्रोसेस ऑउटसोर्सिंग, डिप्लोमा इन वैल्यू एडेड प्रोडक्ट्स फ्रॉम फ्रूट एन्ड वेजीटेबल, डिप्लोमा इन डेयरी टेक्नोलॉजी, सर्टिफिकेट इन वाटर हार्वेस्टिंग, सर्टिफिकेट इन बिजनेस स्किल्स, सर्टिफिकेट इन एन्टरप्रन्योरशिप, सर्टिफिकेट प्रोग्राम इन लेब टैक्निक्स, सर्टिफिकेट इन एनजीओ मैनेजमेंट।
Updated on:
04 May 2019 08:13 pm
Published on:
07 May 2019 07:14 am
बड़ी खबरें
View Allअजमेर
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
