
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने विभागीय जांच में शामिल अधिकारियों को प्रशिक्षण देने का दिया आदेश
प्रयागराज: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने निदेशक, जेटीआरआई को विभागीय पूछताछ में उत्तर प्रदेश सरकारी सेवक के नियम 1999 के अनुपालन को सुनिश्चित करने के लिए जांच अधिकारियों और अनुशासनात्मक अधिकारियों के प्रशिक्षण के लिए एक उपयुक्त कार्यक्रम तैयार करने का निर्देश दिया। मामले में सुनवाई करते हुए जस्टिस विवेक चौधरी की खंडपीठ प्रकाश चंद्र अग्रवाल की याचिका पर आदेश दिया है।
मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अनियमित जांच प्रक्रिया के बाद सेक्शन ऑफिसर पद पर पदावनत कर दिया गया। अन्य बातों के साथ-साथ इस आधार पर चुनौती दी गई कि जांच अधिकारी ने उत्तर प्रदेश सरकारी सेवक 1999 के आदेश के अनुसार तिथि, समय और स्थान निर्धारित करके उचित मौखिक जांच नहीं की। न्यायालय के समक्ष अपर मुख्य सचिव मामले के रिकॉर्ड से यह नहीं दिखा सके कि जांच करने में नियम 1999 के नियम -7 के तहत निर्धारित प्रक्रिया का पालन किया गया था और साक्ष्य के लिए कोई तारीख, समय और स्थान तय किया गया था या जिस साक्ष्य या पर भरोसा किया गया था।
हालांकि मामला सरल है क्योंकि इसे वापस भेजा जाना है, लेकिन, इस न्यायालय के समक्ष दायर बड़ी संख्या में मामलों में यह पाया गया है कि बड़ी सजा के संबंध में जांच में 1999 के नियमों के नियम -7 का उल्लंघन किया जाता है। वर्तमान मामला उसी का एक ज्वलंत उदाहरण है। जांच अधिकारी एक विशेष सचिव है और दंड प्राधिकारी एक प्रमुख सचिव है। फिर भी जांच अधिकारी द्वारा जांच के संचालन में एक स्पष्ट त्रुटि की जाती है।
Published on:
14 May 2022, 11:56 PM IST
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